टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: जांच में बड़ा खुलासा, धमकी भरे ऑडियो की आवाज का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े संदिग्धों के वॉयस सैंपल से होगा मिलान

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: जांच में बड़ा खुलासा, धमकी भरे ऑडियो की आवाज का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े संदिग्धों के वॉयस सैंपल से होगा मिलान

मुंबई/मनोरंजन: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग और धमकी के मामले की जांच अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। इस बहुचर्चित मामले में सामने आए धमकी भरे ऑडियो क्लिप की गुत्थी सुलझाने के लिए मुंबई पुलिस ने तकनीकी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पुलिस अब इस वायरल ऑडियो में मौजूद आवाज की प्रामाणिकता और पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसे दिल्ली, पंजाब और राजस्थान पुलिस के पास उपलब्ध विशेष 'वॉयस बैंक' में दर्ज लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े संदिग्धों के आवाज के नमूनों (वॉयस सैंपल) से मिलाने की तैयारी कर रही है।

जांच से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले में सामने आई कथित ऑडियो क्लिप, जिसमें अनिल पंडित से जुड़े नाम और धमकियों का जिक्र है, उसकी गहराई से छानबीन की जा रही है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिकॉर्डिंग में बोलने वाला शख्स वास्तव में कौन है और क्या उसका संबंध किसी कुख्यात आपराधिक सिंडिकेट या गैंग से है। दिल्ली पुलिस के पास जहाँ बिश्नोई गैंग से जुड़े 200 से अधिक ऑडियो सैंपल का डेटाबेस मौजूद है, वहीं पंजाब और राजस्थान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पास भी ऐसे कई वॉयस बैंक हैं, जिनकी मदद से इस संदिग्ध आवाज का मिलान किया जा रहा है।

इससे पहले भी देश के कई अन्य नामचीन कलाकारों और हस्तियों, जैसे सलमान खान, आमिर खान, निर्देशक रोहित शेट्टी और दिवंगत राजनेता बाबा सिद्दीकी को मिली धमकियों के मामलों में इसी वैज्ञानिक और फोरेंसिक तकनीक का सहारा लिया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस वॉयस मैचिंग प्रक्रिया के जरिए यह साफ हो सकेगा कि अभिनेता को मिली धमकी के पीछे क्या वाकई किसी बड़े गिरोह का हाथ है या यह किसी अन्य शरारत का हिस्सा है। मुंबई पुलिस इस मामले में तमाम तकनीकी साक्ष्यों को खंगालते हुए अपराधियों तक पहुंचने के लिए अपनी हर संभव कोशिश कर रही है।