रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। प्रदेश में टैंकरों के माध्यम से होने वाली ईंधन सप्लाई की अवधि 24 घंटे से घटाकर मात्र आठ घंटे किए जाने के बाद कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी देखने को मिल रही है। इसी बीच राजधानी रायपुर में टैंकरों से पेट्रोल-डीजल चोरी किए जाने के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने से ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार ऑयल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की टैंकर सप्लाई अवधि को 24 घंटे से घटाकर आठ घंटे कर दिया है। इसका सीधा असर प्रदेश के कई पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रहा है, जहां समय पर ईंधन नहीं पहुंचने के कारण ड्राई आउट जैसी स्थिति बन रही है। हालांकि ऑयल कंपनियां पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने का दावा कर रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
खरीफ सीजन की तैयारियों के चलते कृषि कार्यों में डीजल की मांग बढ़ गई है। किसानों द्वारा ट्रैक्टर, पंप और अन्य कृषि उपकरणों के उपयोग में वृद्धि होने से डीजल की खपत बढ़ी है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है। उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के बाद आठ से दस दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
कबीर नगर में बड़ा छापा
ईंधन आपूर्ति संकट के बीच कबीर नगर थाना पुलिस ने इलाके के एक यार्ड में छापा मारकर पेट्रोल-डीजल चोरी के अवैध कारोबार का खुलासा किया। पुलिस को मौके से करीब 1600 लीटर पेट्रोल और 1700 लीटर डीजल बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान यार्ड में खड़े टैंकर, ड्रम और ईंधन चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टैंकरों से ईंधन निकालकर अवैध रूप से संग्रहित किया जा रहा था।