6 नवंबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी और शुभ मुहूर्त का संयोग; जानिए राहुकाल और दिशाशूल
नई दिल्ली/रायपुर: भारतीय वैदिक ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, 6 नवंबर 2026, शुक्रवार का दिन अत्यंत पावन, मंगलकारी और धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष फलदायी है। शुक्रवार का दिन धन, समृद्धि, वैभव और आरोग्य की देवी माता लक्ष्मी तथा शुक्र देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्तिभाव से मां लक्ष्मी की आराधना करने से गृह क्लेश दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति तथा आर्थिक संपन्नता का आगमन होता है।
पंचांगीय गणना के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। आज सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 35 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 5 बजकर 32 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। चंद्रमा आज कर्क राशि की यात्रा समाप्त कर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज श्रवण नक्षत्र के उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसके साथ ही आज हर्षण योग के बाद वज्र योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद फलदायी है।
दिन के सबसे पावन और शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो आज यह दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से आरंभ होकर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस दौरान पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान या नया व्यवसाय शुरू करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके विपरीत, राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को करने से बचना चाहिए। शुक्रवार को राहुकाल प्रातः 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पूर्व जौ या राई खाकर निकलना शुभ रहता है
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