रायपुर (चैनल इंडिया)। दीपोत्सव इस बार छह दिन का होगा। तीन वर्ष बाद फिर इस बार अमावस्या तिथि दो दिन होने से दीपोत्सव छह दिन तक चलेगा। आठ नवंबर रविवार को अमावस्या तिथि प्रात: 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी तथा नौ नवंबर सोमवार की दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। दिवाली प्रदोष कालीन व निशीथ व्यापिनी अमावस्या तिथि में मनायी जाती है। इसीलिए चतुर्दशी युक्त अमावस्या में दीपावली का पर्व आठ नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। अर्थात लक्ष्मी पूजन दो दिवसीय अमावस के प्रथम दिन होगा।
कार्तिक कृष्ण प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी में छह नवंबर शुक्रवार को धनतेरस से दीपोत्सव का पर्व शुरू होगा। सात नवंबर को नरक चौदस के दीप प्रज्ज्वलित किए जाने के बाद आठ नवंबर को लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। नौ नवंबर अर्थात सोमवार की दोपहर 11:43 बजे तक अमावस्या तिथि विद्यमान रहेगी। इस दिन अमावस्या तिथि एवं सोमवार दिन होने से सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। प्रात:काल अमावस होने के कारण इस दिन स्थान दान किया जाएगा।
लक्ष्मी पूजन के बाद गोवर्धन पूजा के लिए एक दिन इंतजार करना होगा। दस नवंबर सोमवार को स्वाति व विशाखा नक्षत्र एवं सौभाग्य योग में गोवर्धनपूजा व अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। महिलाएं इस दिन गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर पारंपरिक गीत गाते हुए उनकी पूजा-अर्चना करेंगी। श्रद्धालु इस दिन भगवान श्रीकृष्ण एवं गौ माता की पूजा करेंगे। इस दिन गौशाला में गायों को स्नान कराकर नूतन वस्त्र धारण कराकर चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप-दीप, मिठाई व फल से पूजा होगी। कार्तिक शुक्ल उदय कालिक द्वितीया में 11 नवंबर बुधवार को भाई दूज मनाया जाएगा।