रायपुर (चैनल इंडिया)। भीषण गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गर्मी के कारण जहां एक तरफ आम इंसान परेशान हैं, वहीं बिजली के संयंत्र भी हांफ रहे हैं। कोरबा के 210 मेगावाट के तीन संयंत्र बंद होने से 630 मेगावाट का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसके कारण बिजली की पूर्ति करने के लिए सेंट्रल सेक्टर से बिजली लेनी पड़ रही है। बिजली की खपत इस समय करीब छह हजार मेगावाट है। ट्रांसफार्मरों का भी हाल बुरा है। राजधानी रायपुर में ही करीब सौ ट्रांसफार्मरों को बदलना पड़ा है। इसी तरह से प्रदेश के कई शहरों में थोक में ट्रांसफार्मरों को बदलना पड़ा है।
गर्मी के कारण पारा लगातार आसमान पर जा रहा है। इसी के साथ बिजली की खपत भी ज्यादा हो रहा है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के कोरबा वेस्ट के 210 मेगावाट के तीन संयंत्र बंद हो गए हैं। दो संयंत्र तो करीब एक माह से बंद है। अभी ये ठीक भी नहीं हो पाए हैं और एक और संयंत्र में उत्पादन बंद हो गया है। गर्मी में बिजली संयंत्रों का बंद होना नया नहीं है। अभी गनीमत यह है कि मौसम थोड़ा बदलने के कारण प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश के कारण खपत कम हो गई है। अगर खपत ज्यादा रहती तो बिजली कटौती की स्थिति आ सकती थी।
बीते साल संयंत्रों के बंद होने के कारण बिजली कटौती करनी पड़ी थी। बीते माह बिजली की खपत 73 सौ मेगावाट तक गई थी। इस समय में बिजली की खपत छह हजार मेगावाट के आस-पास है। जहां तक अपने उत्पादन का सवाल है तो इस समय अपना उत्पादन महज 15 सौ मेगावाट हो रहा है। खपत की पूर्ति करने के लिए करीब चार हजार मेगावाट बिजली सेंट्रल सेक्टर से लेनी पड़ रही है।