गर्दन के दर्द और जकड़न से पाएं छुटकारा: रोजाना करें ये असरदार योगासन

गर्दन के दर्द और जकड़न से पाएं छुटकारा: रोजाना करें ये असरदार योगासन

नई दिल्ली: आजकल की जीवनशैली में, खासकर जब हम लगातार 10-11 घंटे कंप्यूटर एडिटिंग या मोबाइल स्क्रीन के सामने बिताते हैं, तो गर्दन में दर्द और जकड़न की समस्या बेहद आम हो गई है। लंबे समय तक एक ही पोस्चर में काम करने से सर्वाइकल और कंधों की मांसपेशियों में तनाव आ जाता है।

अगर आप भी इस जकड़न से परेशान हैं, तो दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय कुछ आसान योगासनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

1. मार्जरी आसन और बिटिलासन (Cat-Cow Pose)

यह आसन रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों को स्ट्रेच करके तुरंत आराम पहुंचाता है। यह पीठ के लचीलेपन के लिए सबसे बेहतरीन व्यायामों में से एक है।

  • कैसे करें: घुटनों और हाथों के बल जमीन पर आ जाएं। सांस लेते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाएं और कमर को नीचे की ओर झुकाएं (बिटिलासन)। फिर सांस छोड़ते हुए ठुड्डी को छाती से लगाएं और पीठ को ऊपर की ओर गोल करें (मार्जरी आसन)। इसे 5-7 बार दोहराएं।

2. भुजंगासन (Cobra Pose)

यह छाती, कंधों और गर्दन की सामने की मांसपेशियों को खोलता है और उन्हें मजबूती प्रदान करता है। डेस्क पर लगातार आगे की ओर झुककर काम करने वालों के लिए यह बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह शरीर को विपरीत दिशा में स्ट्रेच करता है।

  • कैसे करें: पेट के बल लेट जाएं। अपनी हथेलियों को कंधों के ठीक नीचे रखें। सांस भरते हुए अपने सिर, गर्दन और छाती को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकें और फिर आराम से वापस नीचे आ जाएं।

3. बालासन (Child’s Pose)

बालासन शरीर को डीप रिलैक्सेशन देता है और गर्दन, कंधों व पीठ के निचले हिस्से में जमा हुए तनाव को रिलीज करता है।

  • कैसे करें: घुटनों के बल बैठ जाएं (वज्रासन में)। अब अपने ऊपरी शरीर को आगे की ओर झुकाते हुए सिर को जमीन पर टिकाएं। हाथों को आगे की तरफ सीधा फैलाएं या शरीर के बगल में रखें। कुछ देर इसी मुद्रा में गहरी सांसें लें।

4. ग्रीवा संचालन (Neck Rotations)

यह कोई जटिल आसन नहीं है, बल्कि एक सूक्ष्म व्यायाम है जिसे आप अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं।

  • कैसे करें: रीढ़ की हड्डी सीधी करके बैठ जाएं। धीरे-धीरे अपनी गर्दन को दाईं ओर घुमाएं, फिर बाईं ओर। इसके बाद गर्दन को ऊपर और नीचे की ओर झुकाएं। अंत में गर्दन को बहुत आराम से गोल घुमाएं (क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज)। ध्यान रखें कि झटके से कोई भी मूवमेंट न करें।

विशेष टिप: योगासनों का अभ्यास हमेशा आराम से करें और अपनी क्षमता से ज्यादा जोर न लगाएं। काम के दौरान हर 45-60 मिनट में एक छोटा ब्रेक लें और अपनी गर्दन को स्ट्रेच करें। अगर दर्द बहुत तेज है या हाथों में झुनझुनी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।