छत्तीसगढ़ में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव की मांग, फेडरेशन ने शिक्षा सचिव को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ में स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव की मांग, फेडरेशन ने शिक्षा सचिव को लिखा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों की समय-सारिणी को लेकर नया प्रस्ताव सामने आया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की समय-सारिणी में एकरूपता लाने की मांग की है। साथ ही शनिवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का संचालन भी प्रातःकालीन (मॉर्निंग) पाली में कराने का आग्रह किया गया है।

फेडरेशन का कहना है कि प्रदेश में युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) और संकुल व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकांश प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय उच्चतर माध्यमिक स्कूलों से संबद्ध होकर संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग स्तर के विद्यालयों की अलग-अलग समय-सारिणी होने से शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

फेडरेशन ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारी नियमित शिक्षण कार्य के अलावा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, ऑनलाइन कार्य, परीक्षा, वित्तीय एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ संकुल स्तर की बैठकों में भी व्यस्त रहते हैं। अलग-अलग समय होने के कारण इन सभी कार्यों के समन्वय में परेशानी आती है।

फेडरेशन का मानना है कि यदि शनिवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का संचालन भी सुबह की पाली में किया जाए और सभी स्तर के विद्यालयों की समय-सारिणी एक समान कर दी जाए, तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इसके विपरीत शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन, शैक्षणिक समीक्षा, संकुल स्तरीय बैठकों, विभागीय प्रतिवेदन तैयार करने तथा आगामी सप्ताह की शैक्षणिक योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

फेडरेशन ने शिक्षा सचिव से अनुरोध किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शनिवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी प्रातःकालीन शाला संचालन की अनुमति प्रदान की जाए। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की समय-सारिणी में एकरूपता लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।