1 नवंबर 2026 का पंचांग: रविवार को कार्तिक कृष्ण अष्टमी तिथि का संयोग; जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली/रायपुर: वैदिक ज्योतिष और सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व होता है, जिसके माध्यम से दिन के शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलती है। 1 नवंबर 2026, रविवार का दिन अत्यंत पावन और ऊर्जादायक माना जा रहा है। रविवार का दिन ग्रहों के स्वामी प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य देव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने और उनकी आराधना करने से व्यक्ति को आरोग्य, मान-सम्मान और तेज की प्राप्ति होती है।
पंचांगीय गणना के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी। आज सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 32 मिनट पर होगा और सूर्यास्त सायं 5 बजकर 36 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि में अपना संचार जारी रखेंगे, जिससे जातकों की बौद्धिक क्षमता और संवाद कौशल में निखार आएगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो कि सभी नक्षत्रों का राजा माना जाता है और इसे मांगलिक व धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इसके साथ ही आज साध्य योग का सुंदर संयोग बन रहा है।
दिन के सबसे शुभ और फलदायी समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो 1 नवंबर को यह दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नए कार्यों का शुभारंभ करना, लेन-देन करना या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ परिणाम देता है। वहीं, राहुकाल को अशुभ समय माना गया है, जिसमें किसी भी नए या मांगलिक कार्य को टालने की सलाह दी जाती है। रविवार को राहुकाल सायं 4 बजकर 13 मिनट से शाम 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा
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