अब प्लास्टिक कचरे से बनेंगी सडक़ें : ठेकेदारों से अनुबंध करेंगे नगर निगम और पालिकाएं

अब प्लास्टिक कचरे से बनेंगी सडक़ें : ठेकेदारों से अनुबंध करेंगे नगर निगम और पालिकाएं
रायपुर (चैनल इंडिया)। शहरों में कचरे के ढेर में फेंकी जाने वाली पॉलीथिन, प्लास्टिक बैग और पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल अब सडक़ निर्माण में किया जाएगा। प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और उसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत नगर निगमों और नगर पालिकाओं को सडक़ निर्माण ठेकेदारों के साथ अनुबंध करना होगा। इस पहल से प्लास्टिक कचरे की समस्या कम करने के साथ सडक़ निर्माण में उसके उपयोग को बढ़ावा देने की योजना है।
नगरीय निकायों को घरों से कैरी बैग, पैकेजिंग फिल्म, रैपर और पॉलीथिन जैसे प्लास्टिक कचरे को एकत्र करने की व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत संचालित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी केंद्रों में प्लास्टिक की छंटाई, सफाई, सुखाने और ग्रेडिंग की जाएगी। तैयार ग्रेडेड प्लास्टिक को सडक़ निर्माण ठेकेदारों को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे शहरों में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण में मदद मिलेगी और सडक़ निर्माण में पुनर्चक्रित सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र में उपलब्ध प्लास्टिक कचरे और हर तीन महीने में तैयार होने वाले ग्रेडेड प्लास्टिक का रिकॉर्ड रखना होगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग , सडक़ विकास निगम, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े सडक़ निर्माण ठेकेदारों की सूची तैयार करनी होगी। संबंधित विभागों से जानकारी जुटाने के बाद ठेकेदारों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया जाएगा। इसमें प्लास्टिक की आपूर्ति, गुणवत्ता, दर, परिवहन और भुगतान से जुड़ी शर्तें निर्धारित होंगी। नगरीय निकायों की ओर से जारी सडक़ निर्माण और नवीनीकरण के टेंडर में प्लास्टिक के उपयोग से संबंधित शर्त शामिल की जाएगी। इसके तहत निर्माण कार्य के लिए ग्रेडेड प्लास्टिक निकायों के एमआरएफ केंद्रों से लेने की व्यवस्था होगी।