शानदार रहा वक्ता मंच का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 

शानदार रहा वक्ता मंच का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 

रायपुरl वक्ता मंच एवं जन एकता फाउंडेशन द्वारा स्वतंत्रता की 80 वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त की दोपहर अखिल भारतीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन संपन्न हुआl वक्ता मंच द्वारा अब प्रादेशिक स्तर से ऊपर उठकर अखिल भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार का यह पहला कदम थाl आगामी दिनों बड़े पैमाने पर इनका विस्तार किया जायेगाl आज के कवि सम्मेलन में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश से नवोदित एवं स्थापित दोनों धाराओं के 8 कवियों ने भागीदारी की l इसमें महाराष्ट्र के पुणे से डॉ. सुरेखा सिद्धि खरे, महाराष्ट्र के सावनेर से अमन रंगेला, मध्यप्रदेश के भोपाल से उमाशंकर दुबे 'मनमौजी ',उत्तरप्रदेश के लखनऊ से कुलदीप सिंह चंदेल, छत्तीसगढ़ के रायपुर से आशा साहू, राजकुमार धर द्विवेदी एवं छत्तीसगढ़ के ही कोशीर से लक्ष्मी नारायण लहरे सम्मिलित हुएl काव्य गोष्ठी का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते द्वारा किया गयाl देश भक्ति की थीम पर आयोजित इस कवि सम्मेलन की प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार रही:-

आशा साहू (आशा दीप), रायपुर द्वारा दो काव्य रचना प्रस्तुत की गई.

ऐ वतन मेरे वतन 

तुझ पर दिल कुर्बान 

तेरी मिट्टी से मेरा हिंदुस्तान 

तेरे तिरंगे की शान रहे आसमान 

ऐ वतन मेरे वतन 

तुझ पर दिल कुर्बान 

(गीत गाकर प्रस्तुत किया )

"देश के वीर प्रहरी"

जब जब तिरंगा लहराता है

 उन वीरों की याद दिलाता है

 जिन्होंने सीमा पर लड़कर 

 अपने प्राण गवाएं

 शूरवीर वन योद्धा कहलाए

 भगत सिंह ने हंसकर

 फांसी चूमी 

 सैकड़ों ने काल कोठरी पर रहकर                         

स्वाधीनता के लिए आशा दीप जलाएं

 आओ याद करें कुर्बानी उनकी

 जिनके त्याग ने आजादी का

 सूरज नभ मे चमकाया.

राजकुमार धर द्विवेदी:

अपनी माटी सोना-चांदी, 

हीरा, मोती, चंदन है,

बारंबार नमन हे धरती, 

पूजन, अर्चन, वंदन है।

अन्नदायिनी, भरण-पोषणी,

हे जननी अभिनंदन है!

लक्ष्मी नारायण लहरे:-

जिंदगी का सफर आसान कहाँ होता है,  

सच कहें तो ये सबब होती है।  

संघर्षों भरे पल में  

कहाँ कोई साथ होता है?  

सुख-दुख में इंसान अकेला ही होता है।

बहुत मुश्किल होता है जीवन का सफर,  

कहाँ कोई दो कदम साथ देता है।  

पढ़-लिखकर डिग्रियां तो मिल जाती हैं,  

कहाँ हाथ में काम होता है

उमाशंकर दुबे " मनमौजी": 

सेना में होऊँगा भरती ,

कर दूँगा दुश्मन को टाइट।

फौजी बनकर यूं चलूंगा--

लेफ्टराइट-लेफ्टराइट 

कवि सम्मेलन के दौरान वक्ता मंच के सचिव मनीष अवस्थी द्वारा स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गई l जन एकता फाउंडेशन और वक्ता मंच दोनों आयोजक संस्थाओं की ओर से कार्यक्रम संयोजक शुभम साहू ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कीl