25 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले शोएब ढेबर की फिर होगी गिरफ्तारी, CJM कोर्ट ने पुलिस को दी अनुमति

25 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले शोएब ढेबर की फिर होगी गिरफ्तारी, CJM कोर्ट ने पुलिस को दी अनुमति

रायपुर। कांग्रेस नेता आनंदमल कुकरेजा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की दोबारा गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। रायपुर के CJM कोर्ट ने पुलिस को शोएब ढेबर को फिर से गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी है। पुलिस ने मंगलवार को नियमित अदालत में दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति के लिए आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

इससे पहले रविवार को रिमांड कोर्ट ने गिरफ्तारी की सूचना परिवार के सही व्यक्ति को नहीं दिए जाने के आधार पर शोएब ढेबर को स्वतंत्र करने की अनुमति दी थी। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए नियमित अदालत का रुख किया।

*विदेशी नंबर से भेजे थे धमकी भरे मैसेज*

पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को आनंदमल कुकरेजा के मोबाइल पर विदेशी नंबर से WhatsApp के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए थे। आरोपी ने कथित तौर पर खुद को अमन साहू गैंग से जुड़ा बताते हुए 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। साथ ही कुकरेजा, उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई थी।

शिकायत के बाद तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज किया गया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को शोएब ढेबर को पकड़ा था।

*5 आईफोन जब्त, कीमत करीब 5 लाख रुपए*

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना से जुड़े पांच आईफोन जब्त किए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड कोर्ट में पेश किया था, लेकिन गिरफ्तारी की सूचना परिवार के सही व्यक्ति को नहीं दिए जाने को लेकर कोर्ट ने उसे स्वतंत्र करने की अनुमति दे दी।

इसके बाद पुलिस ने इसी मामले में नियमित अदालत के समक्ष दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। मंगलवार को CJM कोर्ट ने पुलिस की अर्जी स्वीकार करते हुए शोएब ढेबर को फिर से गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी।

*पुलिस ने शुरू की तलाश*

कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अब पुलिस शोएब ढेबर की दोबारा गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गई है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में है। मामले में धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल, विदेशी नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।