दुर्लभ औषधियां व पारंपरिक चिकित्सा पध्दति वाले आयुर्वेद संस्थान का छत्तीसगढ़ में प्रस्ताव
सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री
रायपुर (चैनल इंडिया)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट की। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास, जनहितकारी योजनाओं और राज्य की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की। बैठक में प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ भौगोलिक दृष्टि से वनाच्छादित है और यहां दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों का भंडार मौजूद है। इसके अलावा, राज्य के जनजातीय अंचलों में पीढिय़ों से चला आ रहा पारंपरिक औषधीय ज्ञान यहां की अनमोल धरोहर है।
उन्होंने केंद्रीय बजट-2026 में घोषित तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि यह संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित होता है, तो इससे न केवल स्थानीय निवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आयुर्वेद आधारित शिक्षा और अनुसंधान को वैश्विक स्तर की पहचान मिलेगी। यह संस्थान केवल छत्तीसगढ़ के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मध्य भारत के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र साबित होगा।
अमित शाह ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का पूर्ण आश्वासन दिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी। यह मुलाकात राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।

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