पंचांग 24 जुलाई : आषाढ़ शुक्ल दशमी पर जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और आज का विशेष उपाय

पंचांग 24 जुलाई : आषाढ़ शुक्ल दशमी पर जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और आज का विशेष उपाय

नई दिल्ली / अध्यात्म डेस्क: हिंदू पंचांग के अनुसार, 24 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। शुक्रवार का दिन धन, वैभव और सौंदर्य की अधिष्ठात्री देवी माता लक्ष्मी और शुक्र देव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

सनातन परंपरा में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, व्यापारिक सौदे या धार्मिक अनुष्ठान से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्तों का विचार करना आवश्यक माना गया है। आइए जानते हैं 24 जुलाई 2026 का संपूर्ण दैनिक पंचांग:

आज की तिथि और पंचांग विवरण

  • दिनांक: 24 जुलाई 2026, शुक्रवार

  • विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी

  • शक संवत: 1948, पराभव

  • अयन: दक्षिणायन

  • ऋतु: वर्षा ऋतु

  • मास (महीना): आषाढ़ मास

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

  • तिथि: दशमी तिथि

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

  • सूर्योदय: सुबह 05:38 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 07:17 बजे

  • चन्द्रोदय: दोपहर 02:45 बजे

  • चन्द्रास्त: देर रात 01:30 बजे (25 जुलाई)

  • नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र (सायंकाल तक), उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र

  • योग: शुभ योग (दोपहर तक), तत्पश्चात शुक्ल योग

  • चंद्र राशि: वृश्चिक राशि

  • सूर्य राशि: कर्क राशि

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है:

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: तड़के 04:15 बजे से 04:56 बजे तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 बजे से दोपहर 03:39 बजे तक।

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:16 बजे से शाम 07:37 बजे तक।

आज का अशुभ समय (Inauspicious Timings)

राहुकाल और वर्ज्य मुहूर्तों के समय नया कार्य आरंभ करने या लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक (शुक्रवार को इस समय में कोई भी नया या शुभ काम न करें)।

  • यमगण्ड: दोपहर 03:52 बजे से शाम 05:35 बजे तक।

  • गुलिक काल: सुबह 07:21 बजे से सुबह 09:03 बजे तक।

  • दिशा शूल: पश्चिम दिशा (यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो, तो घर से दही या मीठी चीज खाकर निकलें)।

शुक्रवार का विशेष अचूक उपाय:

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी और शुक्रवार के योग में माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी होती है। आज सुबह स्नान के बाद गुलाबी कपड़े पहनें और माता लक्ष्मी को लाल या गुलाबी फूल, खीर और बताशे का भोग लगाएं। 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने से घर में सुख, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता आती है।