रायपुर (चैनल इंडिया)। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने मंगलवार को विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम नवा रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ा है। जनवरी 2024 में जहां प्रदेश में 77 लाख राशनकार्ड प्रचलित थे और करीब 2.69 करोड़ लोगों को रियायती दर पर खाद्यान्न मिल रहा था, वहीं अब 83.36 लाख राशनकार्ड प्रचलित हैं। इनमें 2.73 करोड़ सदस्य पंजीकृत हैं। इस तरह 2026 की अनुमानित आबादी के आधार पर प्रदेश की करीब 87 प्रतिशत आबादी खाद्य सुरक्षा के दायरे में आ चुकी है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में करीब 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी किए गए हैं, जबकि 16.93 लाख नए सदस्यों को राशनकार्ड में जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि राशन वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में 445 नई उचित मूल्य दुकानों का आबंटन किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।
रायपुर समेत 3 जिलों में शुरू हुए ग्रेन एटीएम
मंत्री बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में ग्रेन एटीएम शुरू किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में प्रदेश के पहले तीन अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम संचालित हैं। इनका संचालन 8 अगस्त 2026 से शुरू हुआ। राशनकार्ड या आधार नंबर दर्ज करने और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद हितग्राही 24 घंटे में कभी भी अपनी सुविधा के अनुसार खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले दो वर्षों में विभाग की प्राथमिकता सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और डिजिटल बनाने की है। स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत राशनकार्ड प्रबंधन, सप्लाई चेन और खाद्यान्न वितरण जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी ग्रेन एटीएम स्थापित करने की योजना है।