विधानसभा में जमकर गरजे विष्णुदेव
रात 2:36 बजे अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त
रायपुर (चैनल इंडिया)। विधानसभा में मुख्य विपक्ष कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 14 घंटे से अधिक समय तक बहस होती रही। आखिरकार लंबी बहस, आरोप प्रत्यारोप के बाद अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल को ढाई साल पूरे हो गए हैं। विपक्ष ने जो अविश्वास प्रस्ताव लाया है वह महज औपचारिकता है। इस चर्चा की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश करते हुए कहा, ये सिर्फ मेरा आरोप नहीं, ये आम जनता का आरोप है।
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा, लोकसभा में जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव में भी हमलोग जीते, क्या उस जनता के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव है। क्या उन किसानों के प्रति अविश्वास है जिन्हें हम 3100 दे रहे हैं, क्या उन 70 लाख माताओं के प्रति अविश्वास है जिन्हें महतारी वंदन दे रहे हैं। ढाई साल हो गए हैं सिर्फ औपचारिकता पूरी करने अविश्वास प्रस्ताव लाया है। सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हो सकता है। झूठ बोलने में अगर पीएचडी होता तो ये बहुत विद्वान हो जाते। एक गांव का आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री है, यह पच नहीं रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने 68 सीट का जनादेश दिया था आपने जनता को क्या दिया। आपके 36 वादे का क्या हुआ? इन वादों में कोई भी वादा शत प्रतिशत कभी पूरा नहीं किया, आपके सरकार के समय एक नारा चला था कि ऐसा कोई सगा नहीं जिसे भूपेश सरकार ने ठगा नहीं, दो साल का बकाया बोनस 13 लाख किसानों का 37 सौ 16 करोड नहीं दिया, इतना बडा विश्वासघात करने का काम आप लोगों ने किया। हमारी नीति और नीयत ठीक है, हमारा जो वादा था उसे पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी पूरा करने की गारंटी है, सबका सपना होता है कि सबका अपना घर हो आपने वह भी नहीं दिया, उसके कारण आपके पंचायत मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा, था सरकार बनते ही मुख्यमंत्री आवास देने का वादा था पहले ही कैबिनेट की देने राज्यांश की व्यवस्था किया; उसके बाद केंद्रांश जल्द मिल गया। मुख्यमंत्री आवास योजना में आपने 7 लाख 47 हजार रुपए का एक किश्त दिया, उसके बाद नहीं दिया; उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नक्सलवाद का समापन किया, लोगों को विकास के राह पर ले जाने का काम शुरू किया।
14.26 घंटे हुई बहस
विधानसभा में राज्य सरकार के विरुद्ध कांग्रेस सदस्यों का 136 बिंदुओं पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत हो गया। दोपहर लगभग 12:10 बजे चर्चा के लिए लाए गए इस प्रस्ताव पर सदन में 14 घंटे 26 मिनट तक पक्ष- विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक होती रही। हंगामे के कारण एक बार कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी। अंतत: रात करीब 2:36 बजे अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया।