बारिश के मौसम में कान बंद होने की समस्या से हैं परेशान? राहत पाने के लिए अपनाएं ये सुरक्षित उपाय

बारिश के मौसम में कान बंद होने की समस्या से हैं परेशान? राहत पाने के लिए अपनाएं ये सुरक्षित उपाय

लाइफस्टाइल डेस्क: मानसून के मौसम में हवा में नमी (Humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस उमस भरे मौसम में स्वास्थ्य से जुड़ी कई छोटी-बड़ी समस्याएं सामने आने लगती हैं, जिनमें से एक है कान बंद होना या कान में भारीपन महसूस होना।

दरअसल, हवा में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण कान के अंदर जमा वैक्स (Earwax) फूल जाता है, जिससे कान ब्लॉक महसूस होने लगता है। इसके अलावा, बारिश के पानी या पसीने के कारण कान के भीतर बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। इस समस्या से सुरक्षित तरीके से राहत पाने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

कान बंद होने की समस्या से राहत पाने के उपाय

यदि आपको मानसून के दौरान कान में भारीपन या बंद होने का अहसास हो रहा है, तो आप निम्नलिखित सुरक्षित तरीके अपना सकते हैं:

  • भाप लें (Steam Inhalation): कई बार सर्दी-जुकाम या साइनस के कारण यूस्टेशियन ट्यूब (कान और गले को जोड़ने वाली नली) ब्लॉक हो जाती है। ऐसे में गर्म पानी की भाप लेने से बंद नली खुलती है और कान के भारीपन से तुरंत राहत मिलती है।

  • गर्म सिकाई करें (Warm Compress): एक साफ सूती कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर अच्छी तरह निचोड़ लें। इस कपड़े से कान के बाहरी हिस्से और उसके आस-पास की 5 से 10 मिनट तक हल्के हाथों से सिकाई करें। इससे कान के अंदर जमा वैक्स ढीला होता है।

  • कान को हमेशा सूखा रखें: नहाने के बाद या बारिश में भीगने के बाद कान के बाहरी हिस्से को किसी साफ और सूखे तौलिये से अच्छी तरह पोंछ लें। कान के अंदर नमी रहने से फंगल इंफेक्शन (ऑटोमाइकोसिस) होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • च्युइंग गम चबाना या उबासी लेना: यदि हवा के दबाव के कारण कान बंद महसूस हो रहा है, तो च्युइंग गम चबाने, उबासी लेने या कुछ निगलने की प्रक्रिया से कान के अंदर का दबाव सामान्य हो जाता है और कान खुल जाते हैं।

इन गलतियों से बचना है बेहद जरूरी (महत्वपूर्ण सावधानियां)

कान शरीर का एक बेहद संवेदनशील हिस्सा है, इसलिए इस मौसम में कुछ आदतों से बचना चाहिए:

  • नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें: कान साफ करने या खुजली शांत करने के लिए माचिस की तीली, हेयरपिन, चाबी या उंगली के नाखून का उपयोग बिल्कुल न करें। इससे कान के पर्दे (Eardrum) को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

  • कॉटन बड्स के अत्यधिक उपयोग से बचें: ईयर बड्स का इस्तेमाल अक्सर कान के वैक्स को बाहर निकालने के बजाय उसे और अंदर की तरफ धकेल देता है, जिससे ब्लॉकेज की समस्या अधिक गंभीर हो जाती है।

  • बिना डॉक्टरी सलाह के तेल न डालें: कान बंद होने पर अपनी मर्जी से गर्म तेल या कोई भी लिक्विड कान में न डालें। यदि संक्रमण के कारण कान बंद है, तो तेल डालने से संक्रमण और अधिक फैल सकता है।