पर्यटन विकास पर सरकार का फोकस, 500 करोड़ के निवेश से रोजगार तक की तैयारी
छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने पर सरकार का फोकस
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदा को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है। पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने के साथ स्थानीय रोजगार, धार्मिक पर्यटन, बस्तर और प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पर्यटन में निवेश को बढ़ावा
पिछले करीब ढाई वर्षों में फिल्म सिटी के लिए 203 करोड़ 53 लाख रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर के विकास पर भी काम किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपए है।
50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या और काशी के दर्शन
श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत IRCTC के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का संचालन किया गया है। इनके जरिए 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए जा चुके हैं।
पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार
सरकार का जोर इस बात पर है कि पर्यटन से होने वाली आय स्थानीय परिवारों तक पहुंचे। होमस्टे, स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।
वर्तमान में करीब 390 से अधिक टूर ऑपरेटर और ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
चित्रकोट, सिरपुर, मैनपाट और जशपुर पर जोर
बस्तर को पर्यटन की बड़ी ताकत बताते हुए चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सिरपुर के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। वहीं मैनपाट और जशपुर में भी पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर है।
धार्मिक पर्यटन के लिए बड़े प्रोजेक्ट
भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार ने 145 करोड़ 99 लाख रुपए मंजूर किए हैं। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र और चंपारण्य के विकास के प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
ऑनलाइन बुकिंग से 6.48 करोड़ रुपए का राजस्व
पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल जानकारी और पर्यटन सुविधाओं को एक साथ उपलब्ध कराने की तैयारी है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से करीब 6 करोड़ 48 लाख रुपए और पर्यटन इकाइयों से करीब 31 करोड़ 75 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
2028 तक पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य 2028 तक छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत अगले पांच वर्षों में हर साल 100 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान की दिशा में काम किया जा रहा है। पर्यटन नीति 2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
18 पर्यटन संपत्तियां निजी भागीदारी से विकसित होंगी
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के जरिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे करीब 500 करोड़ रुपए का निवेश आने और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग
सरकार छत्तीसगढ़ को इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बर्लिन, लंदन, दुबई और स्पेन जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर भागीदारी, फिल्म और OTT के जरिए प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच और इंटरनेशनल इन्फ्लुएंसर फेम टूर जैसे प्रयास किए जाएंगे।
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