Tinder पर दोस्ती, फ्लैट में मुलाकात और फिर फर्जी पुलिस रेड; हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़
नई दिल्ली। डेटिंग ऐप्स के जरिए युवकों को हनीट्रैप में फंसाकर लाखों रुपए की उगाही करने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। आरोपी टिंडर और QuackQuack जैसे डेटिंग ऐप्स पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर युवकों को जाल में फंसाते थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गैंग पहले डेटिंग ऐप पर युवकों से दोस्ती करता था। बातचीत बढ़ने के बाद उन्हें फ्लैट पर मिलने बुलाया जाता था। मुलाकात के दौरान अचानक फर्जी पुलिस रेड का ड्रामा रचा जाता और युवक को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी।
मामले का खुलासा एक पीड़ित युवक की शिकायत के बाद हुआ। युवक की मुलाकात डेटिंग ऐप पर ‘कीर्ति’ नाम की युवती से हुई थी। बातचीत के बाद युवती ने उसे जनकपुरी स्थित फ्लैट पर बुलाया। युवक फ्लैट पहुंचा और कुछ देर बाद अचानक कमरे में कई लोग घुस आए। इनमें एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था।
आरोपियों ने युवक पर युवती के साथ गलत हरकत करने का आरोप लगाते हुए रेप केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उससे 15 लाख रुपए की मांग की गई। युवक के पास रकम नहीं होने पर आरोपियों ने उसे कार में बैठाकर एटीएम ले जाकर पैसे निकलवाए और बाकी रकम की व्यवस्था करने का दबाव बनाया।
घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुशील कुमार, दीपक उर्फ साजन, विनोद और नीरज त्यागी के रूप में हुई है। वहीं गैंग के दो अन्य सदस्य गगन और पूजा उर्फ कीर्ति फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सुशील कुमार नकली पुलिसकर्मी बनकर रेड करता था। जांच में सामने आया है कि वह वर्ष 2017 में भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उगाही की रकम में उसे 15 फीसदी हिस्सा मिलता था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अन्य आरोपियों पर भी पहले से ऐसे मामलों में केस दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

admin 




