आँखों में जलन, भारीपन या खुजली को न करें नजरअंदाज : हो सकता है 'ड्राई आई सिंड्रोम', जानें बचाव के उपाय
नई दिल्ली : गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं का असर न सिर्फ हमारी त्वचा पर, बल्कि हमारी आँखों पर भी पड़ता है। इन दिनों आँखों में जलन, भारीपन, लालिमा और लगातार खुजली की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आप भी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो यह 'ड्राई आई सिंड्रोम' (Dry Eye Syndrome) के संकेत हो सकते हैं। समय रहते इस पर ध्यान न देने से आँखों की रोशनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
क्या है ड्राई आई सिंड्रोम?
जब आँखों में पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं बनते या आंसू बहुत तेजी से सूख जाते हैं, तो आँखों की नमी खत्म होने लगती है। इसी स्थिति को ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है। आंसुओं की यह पतली परत हमारी आँखों को इन्फेक्शन से बचाने और उन्हें साफ रखने के लिए बेहद जरूरी होती है।
ड्राई आईज के मुख्य लक्षण
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आँखों में लगातार जलन या चुभन महसूस होना।
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ऐसा लगना जैसे आँख में धूल या कंकड़ चला गया हो।
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आँखों में भारीपन रहना और धुंधला दिखाई देना।
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धूप या तेज रोशनी के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया) बढ़ जाना।
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आँखों के आसपास चिपचिपा डिस्चार्ज होना।
किन वजहों से बढ़ती है यह समस्या?
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स्क्रीन टाइम का बढ़ना: लैपटॉप, मोबाइल या टीवी स्क्रीन पर लगातार पलकें झपकाए बिना देखना इसका सबसे बड़ा कारण है।
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एसी (AC) और कूलर की हवा: लगातार एसी या कूलर की सीधी और शुष्क हवा के संपर्क में रहने से आँखों की नमी तेजी से सूखती है।
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धूल और प्रदूषण: गर्मियों में चलने वाली धूल भरी आंधियां और प्रदूषण आँखों में इन्फेक्शन और सूखापन बढ़ाते हैं।
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लेंस का अधिक इस्तेमाल: लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से भी आँखों को पर्याप्त ऑक्सीजन और नमी नहीं मिल पाती।
एक्सपर्ट्स के अनुसार कैसे करें बचाव?
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20-20-20 का नियम अपनाएं: यदि आपका काम कंप्यूटर पर है, तो हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए ब्रेक लें और लगभग 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखें। इस दौरान बार-बार पलकें झपकाएं।
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हाइड्रेटेड रहें: शरीर के साथ-साथ आँखों में भी नमी बनाए रखने के लिए दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं।
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चश्मे का प्रयोग करें: धूप या धूल में बाहर निकलते समय यूवी (UV) प्रोटेक्टेड सनग्लासेस जरूर पहनें, ताकि आँखें सीधी हवा और धूप से बची रहें।
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आँखों को ठंडे पानी से धोएं: दिन में तीन से चार बार आँखों पर साफ और ठंडे पानी के छीटें मारें। लेकिन ध्यान रखें कि आँखों को जोर से रगड़ना नहीं है।
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लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स: डॉक्टर की सलाह पर एक अच्छी क्वालिटी के लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप (आर्टिफिशियल टियर) का इस्तेमाल करें, जो आँखों को सूखा होने से बचाए।

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