हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बिल्डर का कब्जा,सेजबहार में चला बुलडोजर

हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बिल्डर का कब्जा,सेजबहार में चला बुलडोजर

रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) ने सेजबहार फेस-1 कॉलोनी में अपनी जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निजी बिल्डर द्वारा बनाई जा रही अवैध सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया। मंडल का दावा है कि सीमांकन के दौरान उसकी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

मंडल के अनुसार दीनदयाल आवास योजना के तहत वर्ष 2006 में ग्राम सेजबहार और दतरेंगा की 21.538 हेक्टेयर (करीब 53 एकड़) भूमि आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए आवंटित की गई थी। इस परियोजना के लिए 17 मई 2006 को विकास अनुज्ञा भी जारी की गई थी।

1435 एलआईजी मकानों की थी योजना, 79 आवास नहीं बन सके

स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। जांच में पाया गया कि 1327 आवास निर्धारित ले-आउट के अनुरूप बनाए गए, जबकि 39 आवास अलग अभिन्यास में निर्मित हुए। इस तरह कुल 1366 मकानों का निर्माण किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक निर्माण अवधि के दौरान भूमि विवाद के कारण भवन क्रमांक 1287 से 1345 और 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका। विवादित भूमि पर आवास नहीं बनने के कारण उनका विक्रय भी नहीं किया गया।

18 हेक्टेयर भूमि के सीमांकन में खुला मामला

हाल ही में मंडल ने अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया। इस दौरान पता चला कि एक निजी बिल्डर मंडल की भूमि के हिस्से पर सड़क निर्माण कर रहा है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

टीम ने मौके पर हटाया अतिक्रमण

कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अवैध सड़क को हटाया। कार्रवाई के दौरान संपदा अधिकारी अमृत लाल बरमन, सहायक अभियंता हेमंत निषाद, उप अभियंता निकिता मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

नई आवासीय परियोजना की तैयारी

मंडल के अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि हाउसिंग बोर्ड की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है। भविष्य में यहां नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडल की भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।