20,577 सरकारी कनेक्शनों पर 800 करोड़ बकाया
रायपुर (चैनल इंडिया)। सरकारी दफ्तरों के स्मार्ट मीटर एक अगस्त से प्रीपेड नहीं हो सके। बिजली कंपनी ने 100 शासकीय दफ्तरों को तीन महीने के औसत बिल के बराबर एडवांस जमा करने के निर्देश दिए थे। इनमें सिर्फ क्रेडा ने राशि जमा की। बाकी 99 विभागों ने न एडवांस दिया, न कंपनी के पत्र का जवाब। अब विभागों को दस अगस्त की डेडलाइन दी गई है। सभी विभागों के पैसे जमा होने पर 11 अगस्त से कनेक्शन प्रीपैड किए जा सकते हैं।
केंद्र सरकार की शर्तों के तहत पहले चरण में ब्लॉक से लेकर उच्च स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिलिंग लागू की जानी है। इसके लिए एक अगस्त तक एडवांस जमा करना था। तय समय में सिर्फ क्रेडा से राशि मिलने के कारण बिजली कंपनी योजना शुरू नहीं कर सकी। सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटर की योजना पहले भी दो बार टल चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, तब उच्च स्तर पर सहमति नहीं बन सकी थी। इस बार केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की शर्तें पूरी नहीं होने से छत्तीसगढ़ को मिलने वाले केंद्रीय अनुदान की एक-तिहाई राशि रुक गई है। इसके बाद बिजली कंपनी ने प्रक्रिया तेज की, लेकिन सरकारी विभागों से सहयोग नहीं मिला।
इधर, शहर में घरों और दुकानों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का विरोध जारी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर बदलने के बाद बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गया। कुछ मोहल्लों में लोगों ने मीटर लगाने पहुंची टीमों को लौटा दिया। बिजली कंपनी के अनुसार, 50 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने 500 रुपए शुल्क देकर मीटरों की लैब जांच कराई। सभी मीटर तकनीकी रूप से सही मिले। इसके बाद भी उपभोक्ताओं का भरोसा नहीं बढ़ा है।