NEET पेपर लीक केस में 10वीं गिरफ्तारी, महाराष्ट्र के बड़े कोचिंग संचालक पर CBI का शिकंजा

NEET पेपर लीक केस में 10वीं गिरफ्तारी, महाराष्ट्र के बड़े कोचिंग संचालक पर CBI का शिकंजा

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर से केमिस्ट्री कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। मामले में यह अब तक की 10वीं गिरफ्तारी है। सीबीआई का दावा है कि आरोपी पेपर लीक सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य था और उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और आंसर की हासिल कर कई लोगों तक पहुंचाई थी।

सीबीआई के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के कई जिलों में संचालित “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)” नामक कोचिंग नेटवर्क का संचालक है। एजेंसी ने रविवार को RCC के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी कर कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। इससे पहले 15 मई को सीबीआई ने उसके घर पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी।

जांच एजेंसी को आशंका है कि कोचिंग सेंटर के जरिए NEET अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्रों से जुड़े सवाल उपलब्ध कराए गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कोचिंग नेटवर्क का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि क्या कुछ डॉक्टरों और छात्रों ने पैसे देकर लीक पेपर खरीदे थे।


प्रोफेसर मनीषा मंधारे 14 दिन की CBI हिरासत में

इससे पहले मामले में पुणे की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मथुरा से पकड़ा गया और बाद में राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।

सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे को NEET परीक्षा में बॉटनी और जूलॉजी प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी। जांच में सामने आया है कि उन्होंने परीक्षा से पहले विशेष कोचिंग क्लास चलाई थी, जहां छात्रों को वही सवाल और जवाब लिखवाए गए, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए।


अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार

मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पी.वी. कुलकर्णी, मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे शामिल हैं।

सीबीआई का कहना है कि पेपर लीक नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था, जिसमें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग, बिचौलिए और कोचिंग संचालक शामिल थे।


NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव

पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं अनुजा पाबट और रुचिता विज को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

मामले को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पूछा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर बार-बार कैसे लीक हो रहे हैं और परीक्षा एजेंसियां “एग्जाम माफिया” के सामने क्यों विफल साबित हो रही हैं।

गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। 7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।