सोशल मीडिया पर धमाल मचाने वाली CJP को क्यों नहीं मिल सकता 'कॉकरोच' चुनाव चिह्न? समझें ECI का यह कड़ा नियम

सोशल मीडिया पर धमाल मचाने वाली CJP को क्यों नहीं मिल सकता 'कॉकरोच' चुनाव चिह्न? समझें ECI का यह कड़ा नियम

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नाम का एक अनोखा राजनीतिक आंदोलन तेजी से वायरल हो रहा है। हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के विरोध में इस व्यंग्यात्मक (satirical) पार्टी का गठन किया गया है। महज़ कुछ ही दिनों के भीतर इस डिजिटल आंदोलन ने देश के युवाओं के बीच भारी लोकप्रियता हासिल कर ली है और इसके इंस्टाग्राम अकाउंट ने फॉलोअर्स के मामले में कई बड़ी मुख्यधारा की पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस अभूतपूर्व लोकप्रियता के बीच अब यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या यह पार्टी भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में अपना आधिकारिक पंजीकरण कराएगी।

राजनीतिक विशेषज्ञों और चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, अगर कॉकरोच जनता पार्टी खुद को एक वास्तविक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराना चाहती है, तो उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत एक लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि, CJP के लिए सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती इसके नाम और संभावित चुनाव चिह्न को लेकर खड़ी हो सकती है। चुनाव आयोग के मौजूदा नियमों (Election Symbols Order, 1968) के तहत, अब किसी भी नए राजनीतिक दल को पशु-पक्षियों या कीड़े-मकोड़ों से जुड़े सजीव प्रतीकों को चुनाव चिह्न के रूप में आवंटित करने की अनुमति नहीं है। आयोग केवल अपनी 'फ्री सिम्बल्स' की सूची में शामिल निर्जीव वस्तुओं (जैसे लैपटॉप, सीसीटीवी कैमरा या एयर कंडीशनर) को ही नए दलों को सौंपता है। ऐसे में, यदि यह आंदोलन भविष्य में चुनावी मैदान में उतरता भी है, तो नियमों के कारण इसे 'कॉकरोच' का चुनाव चिह्न मिलना नामुमकिन होगा।