विधानसभा में राम मंदिर चंदा विवाद पर हंगामा, कांग्रेस के विरोध के बीच कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस विधायकों ने "चंदा चोरी" लिखे पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से चर्चा की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ चंदा दिया था, लेकिन उसके उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने इस मामले पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।
हालांकि संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विषय न तो राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और न ही विधानसभा के कार्यक्षेत्र से संबंधित है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इसे छत्तीसगढ़ से संबंधित विषय नहीं मानते हुए स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद विपक्ष ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के चलते कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए स्थगित की गई, लेकिन दोबारा बैठक शुरू होने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था और उस धन में कथित गड़बड़ी हुई है। लगातार जारी विरोध और शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल में उठा शिक्षा का मुद्दा
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड और डीएड पाठ्यक्रम शुरू नहीं होने तथा रिक्त पदों का मामला उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार से जानकारी मांगी।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बीएड और डीएड कॉलेजों के संबंध में एक टास्क फोर्स गठित की गई है तथा 13 महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने की संभावना पर कार्य किया जा रहा है।
तीजन बाई को दी गई श्रद्धांजलि
सदन की कार्यवाही की शुरुआत पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धांजलि देकर हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और कला साधना का प्रेरणादायी उदाहरण है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी तीजन बाई को याद करते हुए कहा कि उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रद्धांजलि के बाद उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।
आज पेश होगा अविश्वास प्रस्ताव
मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। हालांकि विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए प्रस्ताव के पारित होने की संभावना नहीं मानी जा रही है। इसके बावजूद कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

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