कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक ही गांव के तीन युवा दोस्त तालाब में नहाने के दौरान गहरे पानी में समा गए। पानी में डूबने से तीनों दोस्तों की मौके पर ही अकाल मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की टीम ने गोताखोरों की मदद से सघन खोजबीन अभियान चलाकर तीनों के शवों को पानी से बाहर निकाला। एक साथ तीन घरों के चिराग बुझने से परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से घटित हुई दुर्घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों दोस्त दोपहर के समय गांव के पास स्थित तालाब में नहाने के लिए गए हुए थे। नहाते समय मस्ती-मजाक के दौरान इनमें से एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में बाकी दोनों दोस्त भी आगे बढ़े, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव का सही अंदाजा न होने के कारण तीनों ही दलदल और गहरे पानी में फंस गए। देखते ही देखते तीनों पानी के भीतर ओझल हो गए और दर्दनाक हादसे का शिकार बन गए।
कपड़ों से हुआ अनहोनी का अहसास, ग्रामीणों और पुलिस ने निकाला शव
जब काफी देर बीत जाने के बाद भी तीनों युवक घर वापस नहीं लौटे, तो चिंतित परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तालाब के घाट पर युवकों के कपड़े, चप्पलें और मोबाइल रखे देखकर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और मामले की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से तालाब में कांटा व जाल डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों युवकों के निष्प्राण शरीरों को एक-एक कर बाहर निकाला जा सका।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस ने जारी की एहतियाती अपील
तालाब से शव बाहर निकलते ही किनारे पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल भेज दिया है। पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर घटना के सभी संभावित पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पुलिस व प्रशासन ने नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बरसात के मौसम में बच्चों व युवाओं को गहरे तालाबों, नदियों, खदानों तथा जलप्रपातों की ओर अकेले या बिना किसी सुरक्षा के न जाने दें, ताकि ऐसी अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।