देर से दस्तक देगा मानसून, लू और उमस करेगी बेहाल
प्रदेश के किसानों पर ‘एल नीनो’ की मार!
रायपुर (चैनल इंडिया)। राज्य में इस वर्ष मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी नजर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत हैं। पहले मानसून के 16 जून तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब इसके 18 से 19 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश करने का अनुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की केरल में एंट्री भी निर्धारित समय से पीछे खिसक गई है। अब इसके 3 से 4 जून तक केरल पहुंचने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रही एल नीनो की स्थिति मानसूनी गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।
मानसून की देरी के बीच प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 30 मई से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। अगले तीन दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में तापमान में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में देरी और कम बारिश की स्थिति खरीफ फसलों की बुआई को प्रभावित कर सकती है। विशेष रूप से धान उत्पादक क्षेत्रों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने पर जलस्रोतों और सिंचाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पडऩे की आशंका भी जताई जा रही है।
आज कुछ स्थानों में बरसेंगे बादल
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने जानकारी दी कि एक द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से अंदरुनी उड़ीसा तक राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इन मौसम प्रणालियों के कारण शनिवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 प्रति घंटे रफ्तार) और वर्षा की संभावना है।

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