महिलाओं और नौजवानों को स्वावलम्बी बनाने के लिए काम करेगा बस्तर विकास प्राधिकरण

महिलाओं और नौजवानों को स्वावलम्बी बनाने  के लिए काम करेगा बस्तर विकास प्राधिकरण

प्राधिकरण की पहली बैठक से पहले बोलीं उपाध्यक्ष लता उसेंडी

बस्तर की कला-संस्कृति के प्रमोशन के लिए करेंगे काम

युवतियों को सिखाएंगे आत्म रक्षा के गुर

रायपुर (चैनल इंडिया)। बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक कल 18 नवम्बर को चित्रकोट में होगी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद प्राधिकरण की यह पहली बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। सुबह 11 बजे से होने वाली इस बैठक में बस्तर संभाग के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अलावा राज्य सरकार के सभी आला अफसर शामिल होंगे। पूर्व मंत्री व कोंडागांव विधायक लता उसेंडी प्राधिकरण की उपाध्यक्ष हैं, जिन्हें यकीन है कि प्राधिकरण के माध्यम से बस्तर विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी कर रहा है।
लता उसेंडी का कहना है कि विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का पूरा फोकस बस्तर पर है। यहां के आदिवासियों को मुख्य धारा में जोडक़र प्रदेश के विकास में भागीदार बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। एक साल में इसके सुखद परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी बस्तर के लिए बहुत करना शेष हैं और उम्मीद करते हैं कि बस्तर क्षेत्र विशेष विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस दिशा में अधिक काम किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कल प्राधिकरण की पहली बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बस्तर संभाग के निर्वाचित जनप्रतिधि अपने सुझाव व आवश्यकताओं से राज्य सरकार को अवगत कराएंगे। निश्चित रूप से उनके सुझाव व जरूरतें बस्तर के विकास में उपयोगी साबित होंगे। सुश्री उसेंडी का कहना है कि बस्तर का प्रतिनिधित्व करने के नाते वे खुद चाहतीं हैं कि बस्तर की महिलाएं, नौजवान तथा कलाकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि इसकी शुरउआत हो चुकी है।
लता उसेंडी ने कहा कि कल होने वाली प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण को अधिक अधिकार सम्पन्न बनाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी ताकि छोटी-छोटी आवश्कताओं के लिए राज्य सरकार के पास जाने की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि इस वक्त पूरा फोकस बस्तर की महिलाओं, युवतियों व नौजवानों को स्वावलम्बी बनाने पर है। वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कई तरह के प्रशिक्षण व कौशल उन्नयन के कार्यक्रम संचालित किए जाने की योजना है ताकि बस्तर की युवा पीढ़ी स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत है इसलिए कोशिश होगी कि प्राधिकरण के माध्यम से इसमें तेजी लाई जाए।

लता उसेंडी ने कहा कि बस्तर की कला-संस्कृति को देश-दुनिया जाने, इसके लिए प्रयास तो किए जा रहे हैं, लेकिन अभी अधिक प्रयास करने की जरूरत है। प्राधिकरण के माध्यम से इसके प्रमोशन की योजना बनाई जाएगी। इसके तहत यहां के लोकरंग तथा कलाकारी ने देश-दुनिया बेहतर तरीके से परिचित हो सके।
उन्होंने कहा कि एक कोशिश बस्तर की युवतियों के लिए और करने की तैयारी है। उन्हें आत्म रक्षा के गुर सिखाए जाएंगे ताकि वे अपना बचाव करने में सक्षम रह सकें। ऐसा करने से वे न केवल शारीरिक रूप से दक्ष हो सकेंगी अपितु मानसिक रूप से भी सुदृढ़ हो जाएंगी। इससे उनमें आत्म विश्वास बढ़ेगा, जिसका फायदा उन्हें बस्तर से बाहर निकलकर काम करने में मिलेगा। लता उसेंडी का कहना है कि प्राधिकरण को अधिक सशक्त तथा अधिकार सम्पन्न बनाने की दिशा में भरपूर प्रयास किया जाएगा।


बस्तर के विकास के लिए लता उसेंडी का महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण
बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण ने उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी के नेतृत्व में बस्तर के विकास के लिए एक व्यापक और महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार की है।  सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक संपदा अपार है और इसका लक्ष्य इस क्षेत्र का उत्थान करना है। जबकि इसकी विरासत का सम्मान करना और समकालीन जरूरतों को पूरा करना है। उन्होंने बताया कि विकास के मुख्य क्षेत्र इस तरह होंगे:

प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और विशेषज्ञ सेवाएं

लता उसेंडी ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल, मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों और डिजिटल औषधालयों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए एक लक्षित दृष्टिकोण की मांग की। बस्तर के सबसे दूरस्थ कोनों में स्वास्थ्य सेवाएँ लाने के लिए हमें एक मजबूत योजना और एक समर्पित बजट की आवश्यकता है।

किशोरियों के लिए सशक्तिकरण कार्यक्रम

आत्मनिर्भरता के महत्व को पहचानते हुए, उपाध्यक्ष ने युवा लड़कियों के लिए आत्मरक्षा, वित्तीय साक्षरता और लिंग शिक्षा कार्यक्रमों की वकालत की। इन पहलों का उद्देश्य किशोरियों को स्वतंत्र और सुरक्षित बनने के लिए सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को आवश्यक जीवन कौशल से लैस करना उनके भविष्य को बदल देगा। उन्होंने इन कार्यक्रमों को पूरे क्षेत्र में सहज बनाने के लिए बजट आवंटन के लिए जोर दिया। 

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्री-स्कूल शिक्षा प्रशिक्षण "पोषण भी पढ़ाई भी" पहल का समर्थन करने के लिए लता उसेंडी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक बचपन की शिक्षा में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने का सुझाव दिया।  उन्होंने कहा कि शुरुआती विकास महत्वपूर्ण है और यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को बस्तर में युवा दिमागों का मार्गदर्शन करने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करेगा।

पर्यटन सर्किट का विकास

बस्तर की सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए लता उसेंडी ने स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक पर्यटन सर्किट बनाने का प्रस्ताव रखा है। पीपीपी मॉडल के माध्यम से सुगम यह पहल आदिवासी समुदायों को आजीविका के अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन स्थल के रूप में अपार संभावनाएं हैं और हमें इसका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।"

युवाओं के लिए खेल और फिटनेस सुविधाएं

लता उसेंडी ने बस्तर के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करने के लिए विश्व स्तरीय खेल सुविधाओं के महत्व पर जोर दिया। वह उचित कोचिंग और प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के साथ समर्पित खेल केंद्र स्थापित करने की सिफारिश करती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवा एथलीट बड़े मंचों पर चमकने के अवसरों के हकदार हैं। उन्होंने इस क्षमता को पोषित करने के लिए एक समर्पित बजट की वकालत की।

मनोविकास केंद्रों (क्रॉस-डिसेबिलिटी सेंटर) की स्थापना

विकलांग व्यक्तियों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने प्रत्येक जिला मुख्यालय पर मनोविकास केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। ये केंद्र आवश्यक सहायता और सेवाएँ प्रदान करेंगे, समावेशन और पहुँच को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि यह अधिक समावेशी बस्तर की ओर एक कदम है।"

ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि उद्यमिता

स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने के लिए, सुश्री लता उसेंडी ने किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) के सहयोग से प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि उद्यमिता (एई) मॉडल बनाने की सिफारिश की है। ये केंद्र आधुनिक कृषि प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण इनपुट, डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ और फसल भंडारण और विपणन के लिए सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल किसानों को समृद्ध होने के लिए आवश्यक उपकरण और ज्ञान प्रदान करेगी।