रायपुर (चैनल इंडिया)। अभनपुर के झांकी गांव में प्रदेश के प्रमुख सडक़ जंक्शनों में से एक तैयार किया जा रहा है। यहां रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर, रायपुर-धमतरी मार्ग और दुर्ग-रायपुर बाईपास आपस में जुड़ेंगे।
इसकी खासियत यह होगी कि अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों के लिए स्वतंत्र फ्लाईओवर, रैंप और लूप बनाए जा रहे हैं। इससे रायपुर, दुर्ग, धमतरी, आरंग और विशाखापट्टनम के बीच आवाजाही आसान होगी। वाहनों की क्रॉसिंग कम होने से जाम की आशंका भी घटेगी। रायपुर से विशाखापट्टनम जाने वाले वाहनों के लिए अलग फ्लाईओवर रहेगा। दुर्ग जाने वाले वाहन रोटरी के बाद लूप से ओवरब्रि पर चढ़ेंगे। धमतरी मार्ग से आने वाले वाहन रोटरी के जरिए सीधे विशाखापट्टनम कॉरिडोर पर पहुंच सकेंगे।
इसी तरह दुर्ग से आरंग के लिए अलग फ्लाईओवर और विशाखापट्टनम के लिए डेडिकेटेड रैंप बनाया जाएगा। इस जंक्शन से आम यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी फायदा मिलेगा। यात्रा में समय और ईंधन की बचत होने की उम्मीद है। भारी वाहनों के लिए बेहतर रास्ता मिलने से शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है। कोयला, इस्पात और खनिज आधारित उद्योगों के माल परिवहन को गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच व्यापारिक संपर्क भी मजबूत होने की उम्मीद है। एनएचएआई, छत्तीसगढ़ के रीजनल ऑफिसर आलोक कुमार ने बताया कि झांकी गांव में हर दिशा के वाहनों के लिए अलग फ्लाईओवर, रैंप और लूप बनाए जा रहे हैं। इससे रायपुर, दुर्ग, धमतरी, आरंग और विशाखापट्टनम के बीच आवाजाही सुगम होगी। ट्रैफिक क्रॉसिंग भी कम होगी।
चार बड़े फायदे
कनेक्टिविटी: रायपुर, दुर्ग, धमतरी, आरंग और विशाखापट्टनम के बीच बेहतर सडक़ संपर्क।
ट्रैफिक: अलग फ्लाईओवर और रैंप से वाहनों की क्रॉसिंग और जाम की आशंका कम होगी।
समय और ईंधन: सीधे रास्ते मिलने से यात्रा का समय और ईंधन बचने की उम्मीद।
कारोबार: भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी। कोयला, इस्पात व उद्योगों के परिवहन को फायदा होगा।
हर दिशा के लिए अलग रास्ता बना रहे