राजधानी में पहली बार पाइप लाइन से गैस की सप्लाई : दो साल में एक लाख घरों तक पहुंचने का टारगेट

राजधानी में पहली बार पाइप लाइन से गैस की सप्लाई : दो साल में एक लाख घरों तक पहुंचने का टारगेट
दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा में भी लाइन
रायपुर (चैनल इंडिया)। करीब दस साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजधानी के घरों में पाइपलाइन से एलपीजी की सप्लाई शुरू हो गई है। अभी तक शंकरनगर, कबीरनगर, अवंति विहार और भनपुरी के एक हजार से ज्यादा घरों में एलपीजी की सप्लाई पाइपलाइन से हो रही है। एचसीजी के जीएम राकेश रंजन सिंह ने बताया कि राजधानी में अभी तेजी से एलपीजी पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। दो साल में रायपुर में हर घर में एलपीजी की सप्लाई पाइपलाइन से ही करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है।
गैस सिलेंडरों की तुलना में इसका महीने का बिल भी नौ सौ के आसपास आ रहा है। यानी सिलेंडर खरीदने के खर्चे से 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ रही है। रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हरियाणा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड घरों तक पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही है। कंपनियों का दावा है कि अगले तीन माह में शहर के सभी बड़े अपार्टमेंट में पाइपलाइन से एलपीजी की सप्लाई की जाएगी। अभी कंपनी अपार्टमेंट वाले घरों में ही ज्यादा कनेक्शन दे रही है, क्योंकि यहां पाइपलाइन बिछाना आसान है। कवर एरिया और घरों तक आसान पहुंच होने की वजह से काम तेजी से हो रहा है।
अपार्टमेंट में काम पूरा होते ही शहर के अलग-अलग वार्डों में एलपीजी लाइन बिछाई जाएगी। पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की जाती है। इस वजह से घनी आबादी वाले एरिया में दूसरे चरण में काम शुरू किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद उसी दिन ही सडक़ या गली पहले की तरह क्लियर कर दी जाए।
सुरक्षा निधि नौ हजार 
राजधानी में एलपीजी की सप्लाई पाइपलाइन से लेने के लिए लोगों को शुरुआत में 9000 रुपए बतौर सुरक्षा निधि के तौर पर जमा करना होगा। इसके अलावा पहली बार रजिस्ट्रेशन के लिए 590 रुपए का शुल्क लगेगा। इसके बाद हर महीने करीब 900 रुपए का बिल आएगा। लेकिन सिलेंडरों की कीमत या खपत बढऩे पर बिल कम-ज्यादा होता रहेगा। पाइपलाइन से गैस लेने पर किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं मिलती है। जितनी खपत की जाएगी उतना ही बिल आएगा।