पंचांग 27 जुलाई : आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी (प्रदोष व्रत) पर जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और सोमवार का विशेष उपाय
नई दिल्ली : हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई 2026, दिन सोमवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। सोमवार के दिन त्रयोदशी तिथि का पड़ना एक अत्यंत पावन और दुर्लभ संयोग बनाता है, जिसे सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat) कहा जाता है। यह दिन देवाधिदेव महादेव (भगवान शिव) और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
सनातन धर्म में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण सौदों से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्तों का ज्ञान होना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं 27 जुलाई 2026 का संपूर्ण दैनिक पंचांग:
आज की तिथि और पंचांग विवरण
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दिनांक: 27 जुलाई 2026, सोमवार
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विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
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शक संवत: 1948, पराभव
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अयन: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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मास (महीना): आषाढ़ मास
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
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तिथि: त्रयोदशी तिथि (सोम प्रदोष व्रत)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
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सूर्योदय: सुबह 05:40 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:15 बजे
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चन्द्रोदय: शाम 05:46 बजे
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चन्द्रास्त: देर रात 03:58 बजे (28 जुलाई)
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नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (दोपहर तक), तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
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योग: इंद्र योग (सुबह तक), उसके बाद वैधृति योग
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चंद्र राशि: धनु राशि (रात तक), तत्पश्चात मकर राशि
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सूर्य राशि: कर्क राशि
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक।
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प्रदोष काल (पूजा मुहूर्त): शाम 07:15 बजे से रात 09:21 बजे तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: तड़के 04:17 बजे से 04:58 बजे तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 बजे से दोपहर 03:39 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:14 बजे से शाम 07:35 बजे तक।
आज का अशुभ समय (Inauspicious Timings)
राहुकाल और वर्ज्य मुहूर्तों के दौरान नया कार्य शुरू करने या लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: सुबह 07:22 बजे से सुबह 09:05 बजे तक (सोमवार को इस समय में कोई भी नया या शुभ कार्य न करें)।
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यमगण्ड: सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
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गुलिक काल: दोपहर 02:10 बजे से दोपहर 03:52 बजे तक।
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दिशा शूल: पूर्व दिशा (यदि पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक हो, तो घर से थोड़ा दर्पण देखकर या दूध पीकर निकलें)।
सोमवार व सोम प्रदोष का विशेष अचूक उपाय:
आज सोम प्रदोष व्रत के शुभ अवसर पर शाम के समय (प्रदोष काल में) भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करें। शिवलिंग पर शुद्ध जल, दूध, शहद और 11 या 21 बेलपत्र 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते हुए अर्पित करें। आज के दिन एक मुखी या रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से असाध्य रोगों, मानसिक तनाव और आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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