पंचांग 1 अगस्त : क्या है शुभ और अशुभ समय? जानें तिथि, नक्षत्र और राहुकाल

पंचांग 1 अगस्त : क्या है शुभ और अशुभ समय? जानें तिथि, नक्षत्र और राहुकाल

नई दिल्ली: वैदिक सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी नए, धार्मिक या मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले दिन के पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग के जरिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण और दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्तों की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे कार्य निर्विघ्न संपन्न होते हैं। आइए जानते हैं 1 अगस्त का संपूर्ण पंचांग:

तिथि और संवत

  • तारीख: 1 अगस्त

  • दिन: शनिवार

  • मास: श्रावण (सावन)

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

  • तिथि: चतुर्थी तिथि

  • विक्रम संवत: 2083

  • शक संवत: 1948

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: प्रातः 05:43 बजे

  • सूर्यास्त: सायं 07:11 बजे

  • चंद्रोदय: रात्रि 10:32 बजे

  • चंद्रास्त: प्रातः 09:25 बजे (अगले दिन)

  • चंद्र राशि: कुंभ राशि (प्रातः तक), तत्पश्चात मीन राशि

नक्षत्र, योग और करण

  • नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, तत्पश्चात उत्तराभाद्रपद नक्षत्र

  • योग: सुकर्मा योग

  • करण: वणिज करण, तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) करण

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:19 बजे से 05:01 बजे तक

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (विशेष और मांगलिक कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ)

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 बजे से 03:36 बजे तक

  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:10 बजे से 07:32 बजे तक

अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)

  • राहुकाल: प्रातः 09:05 बजे से 10:46 बजे तक (इस अवधि में नया कार्य शुरू करने या वित्तीय लेनदेन से बचें)

  • यमगंड: दोपहर 02:08 बजे से 03:49 बजे तक

  • गुलिक काल: प्रातः 05:43 बजे से 07:24 बजे तक

  • दिशा शूल: पूर्व दिशा (शनिवार के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से परहेज करें, यदि यात्रा अनिवार्य हो तो अदरक या राई खाकर ही प्रस्थान करें)