नाखूनों में मिले DNA से खुला हत्या का राज,दो साल बाद तीन आरोपी गिरफ्तार

नाखूनों में मिले DNA से खुला हत्या का राज,दो साल बाद तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। खमतराई थाना क्षेत्र में करीब दो साल पहले हुई महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। 21 अगस्त 2024 को हुई लता साहू (40) की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में सबसे अहम कड़ी मृतिका के नाखूनों में मिले आरोपियों के जैविक साक्ष्य (Biological Traces) और उनका DNA मिलान रहा। घटना के समय ही पुलिस ने नाखूनों से मिले साक्ष्य को सुरक्षित कराकर DNA प्रोफाइल तैयार कराई थी। करीब दो साल बाद संदिग्धों के DNA सैंपल से उसका मिलान कराया गया तो तीनों के DNA के मैच होने की पुष्टि हुई।

पुलिस के मुताबिक, DNA रिपोर्ट सामने आने के बाद आरोपियों से लगातार पूछताछ की गई। शुरुआत में तीनों घटना के बारे में अलग-अलग बातें बताते रहे, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ाने पर हत्या का घटनाक्रम सामने आया।

*शराब खत्म होने के बाद हुआ विवाद, गला दबाकर हत्या का आरोप*

पुलिस जांच में सामने आया कि 21 अगस्त 2024 को तीनों आरोपी लता साहू के घर पर शराब पी रहे थे। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसी दौरान झूमाझटकी हुई।

पुलिस के अनुसार, राजू मंडल ने लता का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल उर्फ चोटी ने दोनों पैर पकड़ रखे थे। संघर्ष के दौरान लता ने बचने के लिए आरोपियों को नोचने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों के जैविक साक्ष्य उसके नाखूनों में चले गए। बाद में यही साक्ष्य पुलिस के लिए हत्या की गुत्थी सुलझाने में अहम साबित हुए।

पुलिस का कहना है कि कुछ देर बाद लता की छटपटाहट बंद हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी घर में रखी नगदी, साड़ी और बाजारू पायल लेकर पीछे की दीवार से निकलकर फरार हो गए। नगदी आपस में बांटने और साड़ी-पायल मनहरण के पास रखने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है।

*2024 में सुरक्षित किया था DNA, 2026 में मिला सुराग*

हत्या के समय आरोपी अज्ञात थे। पुलिस को मृतिका के नाखूनों में अज्ञात व्यक्ति के Biological Traces मिले थे। इन्हें महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मानकर सुरक्षित किया गया और DNA प्रोफाइलिंग कराई गई।

वर्ष 2026 में विवेचना के दौरान संदिग्धों की पहचान होने पर उनके DNA सैंपल लिए गए। पुराने DNA प्रोफाइल से वैज्ञानिक मिलान कराने पर तीनों आरोपियों का DNA मृतिका के नाखूनों से मिले Biological Traces से मैच होना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ तेज की और हत्या से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आईं।

*ये तीन आरोपी गिरफ्तार*

पुलिस ने मामले में मनहरण सारंग (33), निवासी रावांभाठा; राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31), निवासी नवागांव, मुंगेली; और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35), निवासी रावांभाठा, खमतराई को गिरफ्तार किया है।

मृतिका लता साहू, पति स्व. हेमचंद साहू (40), ट्रांसपोर्ट नगर, 6 नंबर पार्किंग के पास, खमतराई की रहने वाली थी।

*पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए*

पुलिस के मुताबिक राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से चोरी के दो और हत्या का एक मामला दर्ज है। वर्तमान हत्या का मामला उसके खिलाफ चौथा अपराध है। वहीं मनहरण सारंग के खिलाफ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का अपराध भी दर्ज होना पुलिस रिकॉर्ड में सामने आया है।

*लगातार समीक्षा और वैज्ञानिक जांच से मिला नतीजा*

करीब दो साल पुराने अज्ञात हत्या के इस मामले में पुलिस ने घटना के समय मिले वैज्ञानिक साक्ष्य को सुरक्षित रखा। बाद में तकनीकी जानकारी, संदिग्धों की पहचान और DNA मिलान को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस का कहना है कि पुराने वैज्ञानिक साक्ष्य को सुरक्षित रखने और उसका समय आने पर दोबारा इस्तेमाल करने से केस को महत्वपूर्ण दिशा मिली।

प्रकरण के निराकरण में थाना प्रभारी खमतराई निरीक्षक जितेंद्र जायसवाल और उनकी टीम के साथ ACCU टीम की भूमिका रही। ACCU के ASI नवरंग कश्यप ने भी वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ने में सहयोग किया।

पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले की समीक्षा में जांच आगे बढ़ाई गई। DCP क्राइम स्मृति राजनाला, DCP नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप और ACP उरला पूर्णिमा लामा के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने प्रकरण की विवेचना की।