5 नवंबर 2026 का पंचांग: गुरुवार को कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी और शुभ मुहूर्त का संयोग; जानिए राहुकाल और दिशाशूल
नई दिल्ली/रायपुर: वैदिक ज्योतिष और पंचांग में दैनिक तिथि, नक्षत्र और मुहूर्तों का विशेष महत्व माना गया है। 5 नवंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पावन एवं फलदायी है। गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना करने से सुख, समृद्धि, ज्ञान और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
पंचांगीय गणना के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। आज सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 34 मिनट पर होगा और सूर्यास्त सायं 5 बजकर 33 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। चंद्रमा आज अपनी यात्रा जारी रखते हुए कर्क राशि में संचार करेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के बाद श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसके साथ ही आज हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का मंगलकारी संयोग बन रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए उत्तम माना गया है।
दिन के सबसे शुभ और फलदायी समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो आज यह दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में नए कार्यों का आरंभ, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान करना अत्यंत श्रेयस्कर माना जाता है। वहीं, राहुकाल के अशुभ समय में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। गुरुवार को राहुकाल दोपहर 1 बजकर 28 मिनट से 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त आज दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले थोड़ा दही या गुड़ खाकर निकलना शुभ माना जाता है।
गुरुवार के इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु को पीले फूल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें तथा 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करें। इसके साथ ही आज के दिन केले के वृक्ष का पूजन करना और गरीबों को पीले वस्त्र या भोजन का दान करना जीवन में तरक्की और आर्थिक स्थिरता के मार्ग प्रशस्त करता है।
admin





