युवाओं में तेजी से पैर पसार रही है किडनी की बीमारी, एक्सपर्ट्स ने इन 5 खराब आदतों को बताया मुख्य जिम्मेदार

युवाओं में तेजी से पैर पसार रही है किडनी की बीमारी, एक्सपर्ट्स ने इन 5 खराब आदतों को बताया मुख्य जिम्मेदार

नई दिल्ली: किडनी की बीमारी (Kidney Disease) को अक्सर बढ़ती उम्र या बुढ़ापे से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन हालिया आंकड़ों ने बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक संकेत दिए हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अब 20 से 40 वर्ष के युवा भी तेजी से किडनी फेलियर और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) की चपेट में आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इस साइलेंट किलर (Silent Killer) बीमारी के युवाओं में बढ़ने की सबसे बड़ी वजह कोई आनुवंशिक (Genetic) कारण नहीं, बल्कि उनकी अपनी बदलती जीवनशैली (Lifestyle) और कुछ बेहद खराब आदतें हैं। आइए जानते हैं कि रोजमर्रा की वे कौन सी गलतियां हैं जो युवाओं की किडनी को वक्त से पहले बूढ़ा और बीमार बना रही हैं।

युवाओं में किडनी खराब होने के 5 मुख्य कारण

1. पेनकिलर्स (Dolo/Combiflam) का अत्यधिक सेवन

आजकल के युवाओं में सिरदर्द, बदन दर्द या हल्के बुखार पर तुरंत बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से पेनकिलर्स (Painkillers) या काउंटर दवाएं खाने की आदत बहुत आम हो गई है। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि 'नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स' (NSAIDs) का बार-बार सेवन किडनी की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देता है, जिससे किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।

2. हाई प्रोटीन डाइट और सप्लीमेंट्स का अंधाधुंध इस्तेमाल

जिम जाने वाले और मस्कुलर बॉडी बनाने की चाहत रखने वाले युवा अक्सर बिना किसी सर्टिफाइड डायटीशियन की सलाह के अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन पाउडर, क्रिएटिन और अन्य सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं। प्रोटीन का बहुत अधिक ओवरडोज किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव (Filtration Pressure) डालता है, जिससे किडनी डैमेज होने की शुरुआत हो जाती है।

3. पैकेज्ड फूड और अत्यधिक नमक (Sodium) का सेवन

फास्ट फूड, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स और फ्रोजन फूड्स युवाओं की डाइट का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इन प्रिजर्व्ड फूड्स में सोडियम (नमक) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। अत्यधिक सोडियम शरीर में ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, और बढ़ा हुआ रक्तचाप सीधे तौर पर किडनी की बारीक नसों को नुकसान पहुंचाता है।

4. कम पानी पीना और स्मोकिंग-अल्कोहल की लत

काम के तनाव या स्क्रीन टाइम के चक्कर में युवा अक्सर पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। कम पानी पीने से किडनी शरीर के टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती। इसके साथ ही, स्मोकिंग और शराब का सेवन किडनी में रक्त के प्रवाह (Blood Flow) को धीमा कर देता है, जिससे इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

5. खराब स्लीप साइकिल और अनियंत्रित डायबिटीज

देर रात तक जागना, कम सोना और अत्यधिक तनाव के कारण युवा बहुत कम उम्र में ही हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। मधुमेह (Diabetes) किडनी की बीमारी का सबसे बड़ा और प्रमुख कारण माना जाता है।

बचाव के लिए क्या करें? विशेषज्ञों की सलाह

किडनी की बीमारियां शुरुआती दौर में कोई बड़े लक्षण नहीं दिखातीं, इसलिए इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। इससे बचने के लिए अपनी दिनचर्या में ये बदलाव तुरंत करें:

  • हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर (8-10 गिलास) पानी जरूर पिएं।

  • सेल्फ-मेडिकेशन बंद करें: बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी दर्द निवारक दवा का सेवन न करें।

  • नियमित जांच (Health Check-up): यदि आपके परिवार में किसी को शुगर या बीपी की समस्या है, तो साल में कम से कम एक बार अपनी किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और यूरिन टेस्ट जरूर करवाएं।

  • नमक और शुगर पर कंट्रोल: खाने में ऊपर से नमक डालना बंद करें और मीठी चीजों का सेवन सीमित करें।