8 साल बाद खुला कचना ओवरब्रिज, रोजाना 2 लाख लोगों को मिलेगी राहत
रायपुर। राजधानी रायपुर में करीब आठ साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को 48.78 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। 787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस ब्रिज के शुरू होने से कचना रेलवे फाटक पर रोज लगने वाले जाम से लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कचना रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन लगभग 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिसके कारण हर 15 मिनट में फाटक बंद होता था। इससे सुबह और शाम के समय लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था। स्कूल बस, एंबुलेंस, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। अब ओवरब्रिज शुरू होने से शंकरनगर, जोरा, वीआईपी कॉलोनी, खम्हारडीह, भावना नगर, कचना समेत एक दर्जन से अधिक इलाकों की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार ओवरब्रिज में सर्विस लेन, रोड मार्किंग, रिफलेक्टिव साइन बोर्ड और आधुनिक लाइटिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे रात के समय भी सुरक्षित आवागमन संभव होगा।
लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कचना और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी हो गई है। इससे स्कूल-कॉलेज, व्यापारिक गतिविधियों और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को बाधारहित यातायात की सुविधा मिलेगी। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह ओवरब्रिज करीब 25 कॉलोनियों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और बिलासपुर व बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि उद्घाटन के दौरान राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। वीआईपी मूवमेंट और कचना ब्रिज उद्घाटन कार्यक्रम के चलते शंकरनगर से कचना फाटक तक लंबा जाम लग गया। बीटीआई मैदान में लगे मेले के कारण भीड़ और बढ़ गई। कई इलाकों में वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस बल तैनात होने के बावजूद ट्रैफिक नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।

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