अंतरराज्यीय सोलर चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 32.60 लाख की संपत्ति बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार 

अंतरराज्यीय सोलर चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 32.60 लाख की संपत्ति बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार 

कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले में पिछले कई महीनों से किसानों के सोलर उपकरणों की हो रही चोरी के मामलों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 32 लाख 60 हजार रुपये से अधिक की चोरी की संपत्ति और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, बीते 6 से 8 महीनों के दौरान नरहरपुर, दुधावा, हल्बा और चारामा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सिंचाई कार्यों में उपयोग किए जाने वाले सोलर पंप, सोलर प्लेट पैनल, स्टार्टर और केबल वायर लगातार चोरी हो रहे थे। बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान ग्राम बागडोंगरी निवासी जगदीश बंजारा और जामगांव निवासी परमेश्वर राठौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने उड़ीसा के नवरंगपुर जिले के कोरडीही निवासी मंहगू मरकाम के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की।

आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कांकेर जिले के विभिन्न इलाकों से सोलर पैनल, पंप, स्टार्टर और केबल वायर चोरी कर टाटा एस गोल्ड मैजिक वाहन के माध्यम से उड़ीसा ले जाकर बेचते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उड़ीसा के 13 अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया।

बरामद सामग्री में 60 सोलर प्लेट पैनल, 7 सोलर फ्रेम सेट, 14 सोलर पंप, 14 स्टार्टर और बड़ी मात्रा में केबल वायर शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 25.60 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त टाटा एस गोल्ड मैजिक वाहन, कटर मशीन और टूल किट भी जब्त की गई है, जिनकी कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में जगदीश बंजारा निवासी बागडोंगरी, परमेश्वर राठौर निवासी जामगांव तथा मंहगू मरकाम निवासी कोरडीही, जिला नवरंगपुर (उड़ीसा) शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ नरहरपुर, दुधावा, हल्बा और चारामा क्षेत्रों में दर्ज कुल 16 चोरी के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।