ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत
गंरियाबंद: गंरियाबंद वन मंडल के घने जंगलों से निकलकर एक जंगली हाथी के मैदानी और आबादी वाले इलाकों की ओर रुख करने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। हाथी की मौजूदगी से संभावित जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से कड़ा रुख अपनाते हुए आसपास के 10 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। वन विभाग का मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर मुनादी करवा रहा है और ग्रामीणों को देर रात घरों से बाहर न निकलने तथा जंगलों की ओर न जाने की हिदायत दे रहा है।
खेतों में फसलों को नुकसान, ग्रामीणों में बना दहशत का माहौल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंरियाबंद के वनांचल क्षेत्र से भटकता हुआ यह हाथी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों के समीप पहुंच चुका है। हाथी के खेतों में घुसने के कारण कई किसानों की धान व अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। रात के समय गांव की सीमाओं और मुख्य मार्गों के आसपास हाथी की हलचल की वजह से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। विशेष रूप से खेतों में रखवाली करने वाले किसानों और देर रात आवाजाही करने वाले राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है।
वन विभाग की ट्रैकिंग टीम मुस्तैद, पल-पल की लोकेशन पर रखी जा रही नजर
हाथी के मूवमेंट को देखते हुए वन परिक्षेत्राधिकारी और हाथियों की विशेष ट्रैकिंग टीम (Elephant Tracking Team) को प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिया गया है। वन अमला टॉर्च, सायरन और आधुनिक ट्रैकिंग उपकरणों के माध्यम से हाथी की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है। विभाग द्वारा संबंधित 10 गांवों के कोटवारों, सरपंचों और स्थानीय युवाओं को सीधे नेटवर्क से जोड़ा गया है, ताकि हाथी के किसी भी गांव की सीमा में प्रवेश करते ही तुरंत सूचना प्रसारित की जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
सुरक्षा के लिहाज से दिशा-निर्देश जारी, उकसाने पर पूर्ण प्रतिबंध
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित गांवों के निवासियों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय कच्चे मकानों या खेतों में बनी झोपड़ियों में अकेले न सोएं और कच्चे पक्के रास्तों पर समूह में रोशनी (मशाल या टॉर्च) के साथ ही निकलें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि हाथी गांव या खेत के आसपास दिखाई दे, तो उसे किसी भी स्थिति में छेड़ने, उस पर पत्थर फेंकने या सेल्फी लेने का प्रयास न करें। वन विभाग की गश्ती टीम स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है।