रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। इन मीटरों को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ये मीटर पुराने मीटरों से ज्यादा तेज चल रहे हैं। बहुत से उपभोक्ता चाहते हैं कि वे अपने मीटरों की जांच कराएं, लेकिन यह जांच आसान नहीं है, क्योंकि कोई भी उपभोक्ता अगर अपने मीटर की जांच कराना चाहता है तो उसे सिंगल फेज मीटर के लिए पांच सौ रुपए और थ्री फेज मीटर की जांच के लिए हजार रुपए के शुल्क का करंट लगेगा।
प्रदेश के 60 लाख बिजली उपभोक्ताओं के मीटरों को बदलने का काम चल रहा है। अब सभी उपभोक्ताओं के मीटर स्मार्ट हो जाएंगे। अब तक प्रदेश में करीब 40 लाख उपभोक्ताओं के मीटरों को बदल भी दिया गया है। प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम टाटा और जीनस कंपनी को मिला है। कंपनी मीटर बदलने में लगातार जुटी है। सरकारी विभागों के साथ आम उपभोक्ताओं और सभी व्यापारिक संस्थानों के भी मीटर बदले जा रहे हैं। कई उपभोक्ता, जिनको लग रहा है कि उनका बिल पहले से ज्यादा आ रहा है, वे अपने मीटरों की जांच भी कराना चाहते हैं, लेकिन यह जांच मुफ्त न होने के कारण काफी कम संख्या में उपभोक्ता अपने मीटरों की जांच कराने की पहल कर रहे हैं। जांच के आवेदन के साथ ही सिंगल फेज मीटर के लिए पांच सौ रुपए और थ्री पेज मीटरों के लिए हजार रुपए का शुल्क देना पड़ता है।
कांग्रेस का 23 को धरना-प्रदर्शन
स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि 23 जुलाई को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस मुद्दाविहीन: सीएम
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस के विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह विरोध के लिए नए-नए विषय तलाश रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन हो चुकी है और उसे सिर्फ प्रदर्शन करने के लिए किसी न किसी विषय की जरूरत पड़ती है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पारदर्शी और आधुनिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।