दिसंबर में एक साथ चार निगमों में चुनाव, आरक्षित वार्डों में सक्रिय चेहरों की तलाश 

दिसंबर में एक साथ चार निगमों में चुनाव, आरक्षित वार्डों में सक्रिय चेहरों की तलाश 
रायपुर (चैनल इंडिया)। रायपुर के बिरगांव और दुर्ग जिले के भिलाई, भिलाई-चरौदा व रिसाली नगर निगम में दिसंबर में प्रस्तावित चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन की चुनौती है। खासकर महिला आरक्षित वार्डों में इस बार टिकट का गणित पहले से अलग रहने के संकेत हैं।
इसकी वजह नगरीय निकायों में महिला जनप्रतिनिधियों के नाम पर उनके पति या परिवार के दूसरे सदस्यों के कामकाज करने पर राज्य शासन ने रोक लगा दी है। अगस्त में जारी अधिसूचना के मुताबिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि के करीबी रिश्तेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि या समन्वयक के रूप में नामित नहीं किया जा सकेगा। इसलिए अब ऐसे उम्मीदवारों को टिकट मिलेगा जो खुद सक्रिय राजनीतिक में हैं। इसका सीधा असर अब पार्टियों की टिकट चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है। महिला आरक्षित वार्डों में ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है, जो खुद पार्टी की राजनीति में सक्रिय हों, कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच उनकी पहचान हो और चुनाव जीतने के बाद निकाय का कामकाज स्वयं संभाल सकें।
भिलाई के 70 वार्डों में 23 ओबीसी, 9 एससी, 3 एसटी और 35 सामान्य वार्ड हैं। रिसाली के 40 वार्डों में 8 ओबीसी, 7 एससी, 3 एसटी और 22 सामान्य वार्ड हैं। भिलाई-चरौदा के 40 वार्डों में 11 ओबीसी, 6 एससी, 2 एसटी और 21 सामान्य वार्ड हैं। बिरगांव के 40 वार्डों में 13 ओबीसी, 5 एससी, 2 एसटी और 20 सामान्य वार्ड हैं। कुल 230 पार्षद के पद हैं। इनमें 76 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन वार्डों में महिला आरक्षण के चलते बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार मैदान में आएंगी। अब पार्टियों के सामने सिर्फ आरक्षित वर्ग की महिला ढूंढना ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि ऐसी महिला चुनना भी जरूरी होगा जो चुनाव जीतने के बाद खुद सक्रिय रहकर पार्षद की भूमिका निभा सके।
महापौर पद का आरक्षण भी अहम
बिरगांव में महापौर पद महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में यहां पार्षद ही नहीं, महापौर पद के लिए भी सक्रिय महिला चेहरे तलाशना पार्टियों की बड़ी चुनौती होगी। रिसाली में महापौर पद एससी महिला के लिए आरक्षित है। यहां एससी महिला दावेदारों में राजनीतिक सक्रियता और स्थानीय पकड़ टिकट चयन का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।