बस्तर में जोरदार बारिश की चेतावनी
हैदराबाद (एजेंसी)। आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में कलिंगपट्टनम के पास अर्नब चक्रवात तट से टकराया। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम पिछले छह घंटे में तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसने 23 सितंबर की रात 11 बजे से 24 सितंबर की रात एक बजे के बीच कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम में तट पार किया।
इसके असर से कई इलाकों में भारी बारिश हुई। इस दौरान 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। एनटीआर जिले के विजयवाड़ा में सुबह से लगातार बारिश हो रही है। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। शहर के कई स्कूलों में आज लगातार दूसरे दिन छुट्टी घोषित की गई है। ओडिशा में भी इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। करीब पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मलकानगिरी में भारी बारिश से कई पुल बह गए हैं। पुलों के ऊपर तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है। राज्य के कम से कम सात जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
छत्तीसगढ़ में भी बदला मौसम कई जिलों में बारिश की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में गहरे अवदाब के रूप में आगे बढ़ रहे मौसमी सिस्टम का असर अब दिखाई देने लगा है। बुधवार को रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में मौसम में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं जताई है, लेकिन हल्की से मध्यम वर्षा होने और बादल छाए रहने की उम्मीद है। बुधवार सुबह रायपुर में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर तक आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद करीब 30 मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश थमने के बाद कुछ समय के लिए हल्की धूप भी निकली, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के रेनी सीजन का अब अंतिम सप्ताह चल रहा है। इस दौरान प्रदेश में बारिश के लिए एक-दो और मौसमी सिस्टम बनने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम तंत्र का ज्यादा प्रभाव बस्तर संभाग में देखने को मिल रहा है। इसके चलते बस्तर के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। मौसमी सिस्टम गुरुवार को विशाखापट्टनम और पुरी के समुद्र तट को पार करेगा। इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।