चालान नहीं देने वाले वाहनों की न सर्विसिंग होगी न ही बीमा : पीयूसी पर भी लगेगी रोक

चालान नहीं देने वाले वाहनों की न सर्विसिंग होगी न ही बीमा : पीयूसी पर भी लगेगी रोक
राज्य में 15 लाख से ज्यादा चालान अटके
रायपुर (चैनल इंडिया)। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद केवल रायपुर में ही 7.73 लाख लंबित ई-चालानों की वसूली के लिए ट्रैफिक पुलिस अब सख्त कार्रवाई करेगी। बार-बार ट्रैफिक नियम तोडऩे और चालान जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों पर गाड़ी से जुड़ी सेवाओं पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। पुलिस ने ऑटोमोबाइल कारोबारियों, पीयूसी सेंटर और बीमा कंपनियों को ऐसे वाहनों की सर्विसिंग, प्रदूषण जांच और बीमा जैसी सुविधाएं नहीं देने के लिए निर्देश जारी जारी कर दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भी दो दिन पहले लंबित ई-चालानों की वसूली के लिए सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं। लंबित चालान जमा नहीं करने पर वाहन जब्त करने के साथ आरसी, फिटनेस, पीयूसी, ऑनलाइन सेवाएं और ऑनरशिप ट्रांसफर रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया है कि बकायादारों के बिजली बिल में जुर्माने की रकम जोडक़र भेज दी जाए। बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने भी कहा गया है। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने कहा कि लंबित चालानों पर अगले हफ्ते से सख्ती शुरू हो जाएगी। इसे लेकर बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। जिन वाहनों के चालान लंबित हैं, उनकी सेवाओं और सुविधाओं पर रोक लगाई जाएगी। 
हर साल औसतन 40 फीसदी चालान लंबित रह जाते हैं। लगातार रिमाइंडर, नोटिस और मैसेज भेजने के बाद भी लोग चालान जमा नहीं करते। ऐसे मामलों का निपटारा लोक अदालत से भी किया जा रहा है, जिससे लोगों को जुर्माने में राहत मिलती है। पिछले साल 67 फीसदी लोगों ने जुर्माना जमा नहीं किया था। लंबित चालानों का लोक अदालत में सेटलमेंट भी हो रहा है। यहां कोर्ट गाड़ी मालिक का पक्ष सुनती है। इसके बाद भारी जुर्माने को कम भी किया