रेलवे ट्रैक किनारे गंभीर हालत में मिली युवती, पहचान होने के बाद भी बरकरार रहस्य; परिजन घायल अवस्था में पहुंचे जनदर्शन

रेलवे ट्रैक किनारे गंभीर हालत में मिली युवती, पहचान होने के बाद भी बरकरार रहस्य; परिजन घायल अवस्था में पहुंचे जनदर्शन

मुंगेली। जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली एक युवती का मामला अब रहस्यमयी बनता जा रहा है। युवती की पहचान होने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह हादसे का शिकार हुई या उसके साथ कोई गंभीर आपराधिक वारदात हुई। शरीर पर गंभीर चोटों, हाथ-पैर में फ्रैक्चर और कई जगह टांकों के निशान मिलने के बाद परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले ने उस समय भावुक मोड़ ले लिया, जब घायल युवती रागिनी कश्यप (करीब 30 वर्ष) को लेकर उसके परिजन सीधे मुंगेली कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे। रागिनी की हालत इतनी गंभीर थी कि वह वाहन से उतरने तक की स्थिति में नहीं थी।


वाहन तक पहुंचीं एडीएम, तत्काल इलाज के दिए निर्देश

घटना की जानकारी मिलते ही अपर कलेक्टर (एडीएम) निष्ठा पांडेय तिवारी स्वयं अपनी कुर्सी छोड़कर वाहन तक पहुंचीं और पीड़िता तथा उसके परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और संबंधित विभागों को मामले की गंभीरता से जांच करने को कहा।


रेलवे ट्रैक के पास मिली थी घायल युवती

जानकारी के अनुसार, मुंगेली जिले के कुआगांव निवासी रागिनी कश्यप अपने पति से अलग रहकर बिलासपुर के एक निजी होटल में काम करती थी। वहीं उसका परिवार रोजगार के सिलसिले में ओडिशा गया हुआ था।

बताया गया कि 10 जुलाई को खोडरी रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात युवती गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ अवस्था में मिली थी। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस ने उसे उपचार के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया। पहचान नहीं होने के कारण वह कई दिनों तक अज्ञात मरीज के रूप में अस्पताल में भर्ती रही।


सोशल मीडिया से हुई पहचान

बाद में बिलासपुर की एक सामाजिक संस्था ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इसके बाद तस्वीर रागिनी के परिजनों तक पहुंची और वे तत्काल अस्पताल पहुंचे।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर रागिनी की हालत बेहद गंभीर थी। उसके शरीर पर कई जगह टांके लगे थे, हाथ-पैर में प्लास्टर था और वह पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं हुई थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उसे जल्द डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों ने इस पर भी सवाल उठाए हैं।

फिलहाल जिला प्रशासन के निर्देश पर रागिनी को मुंगेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।


परिजनों ने जताई गंभीर आशंका

रागिनी के परिजनों का कहना है कि उसके शरीर पर मौजूद चोटों को देखकर आशंका होती है कि वह किसी गंभीर अपराध का शिकार हुई है। उनका आरोप है कि पहले उसके साथ मारपीट की गई और बाद में रेलवे ट्रैक के पास छोड़ दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।


कई सवाल अब भी अनसुलझे

मामले में अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रागिनी रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची। क्या वह किसी दुर्घटना का शिकार हुई या उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

प्रशासन ने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को मामले के सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, परिजनों को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के जरिए घटना की सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी प्रकार का अपराध हुआ है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।