एक जून से मंत्रालय में अफसर केवल ई-फाइल स्वीकार करेंगे, हार्डकॉपी नहीं चलेगी
रायपुर (चैनल इंडिया)। नौकरशाही के गलियारों में लालफीता शाही शब्द लंबे अरसे से गूंजता रहा है। इसके कई मायने हैं, लेकिन इसमें असली बात यही है कि कागजात को फाइलों में दबाकर रोक देना लेकिन अब ये लालफीता शाही छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रालय में नहीं चलने वाली है।
एक जून से नई व्यवस्था के तहत सभी फाईलें ई माध्यम से ली जाएंगी। अफसर हार्ड कापी स्वीकार नहीं करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति लाने के उद्देश्य से एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार एक जून से राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में फाइलों का संपादन केवल ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से ही किया जाएगा। राज्य सरकार के आदेश के पालन में अब शासन स्तर पर अब किसी भी तरह के भौतिक प्रस्ताव या फाइलें स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई फाइल ऑफ लाइन या भौतिक रूप से प्राप्त होती है, तो उसे बिना किसी कार्रवाई के आवक (रिसिप्ट) स्तर से ही संबंधित विभाग को वापस लौटा दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने पाया है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, कई विभाग और कार्यालय अभी भी भौतिक फाइलों का उपयोग कर रहे हैं। इसे सरकार ने अपनी डिजिटल नीतियों के विपरीत माना है। अब सरकार ने एक नया आदेश जारी कर अनिवार्य डिजिटलीकरण लागू किया है। एक जून से समस्त कार्यालयीन नस्तियां केवल ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से ही प्रस्तुत की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि केवल अत्यंत गोपनीय या अति संवेदनशील मामलों में, जहां सक्षम प्राधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति हो, इस नियम में शिथिलता दी जा सकेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि यदि किसी कार्यालय के अंतर्गत काम करने वाले अधिकारी कर्मचारियों का शासकीय ई-मेल आईडी नहीं बना है कि तो कार्यालय प्रमुख प्राथमिकता के साथ शासकीय ई-मेल आईडी बनाकर उन्हें ई-आफिस पोर्टल पर आन बोर्डिंग करेंगे। ये भी साफ कहा गया है कि कि इन निर्देशों का कड़ाई से अक्षरक्ष: पालन करना करने के लिए अपने अधीनस्थ सभी कार्यालयों, अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। यह बात सभी भारसाधक सचिव, सभी विभागाध्यक्ष, सभी संभागायुक्त, सभी कलेक्टर के लिए कही गई है।

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