पंचांग 21 जुलाई : सावन मंगला गौरी व्रत पर बन रहा विशेष योग, जानें राहुकाल, नक्षत्र और आज के शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली : हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 जुलाई 2026, दिन मंगलवार को श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। सावन का मंगलवार होने के कारण यह दिन बेहद पावन माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मंगला गौरी व्रत (Mangla Gauri Vrat) रखती हैं। इसके साथ ही सावन के मंगलवार को संकटमोचन श्री हनुमान जी की आराधना का भी विशेष महत्व होता है।
किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या नए काम की शुरुआत के लिए पंचांग के अनुसार शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं 21 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और आज का राहुकाल:
आज की तिथि और मुख्य पंचांग विवरण
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दिनांक: 21 जुलाई 2026, मंगलवार
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विक्रम संवत: 2083, अनल
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शक संवत: 1948, क्षय
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अयन: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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मास (महीना): श्रावण मास (सावन)
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पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)
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तिथि: सप्तमी तिथि (Saptami Tithi)
सूर्य और चंद्रमा की गणना
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सूर्योदय (Sunrise): सुबह 05:37 बजे
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सूर्यास्त (Sunset): शाम 07:09 बजे
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चन्द्रोदय (Moonrise): दोपहर 12:45 बजे
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चन्द्रास्त (Moonset): रात 12:15 बजे (22 जुलाई तड़के)
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नक्षत्र: स्वाति नक्षत्र (Swati Nakshatra)
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चन्द्र राशि: तुला राशि (Libra)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
सावन के मंगलवार को मां मंगला गौरी और बजरंगबली की पूजा या अन्य शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए आज के श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
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अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11:56 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक। (यह दिन का सबसे श्रेष्ठ और सर्वकार्य सिद्धि मुहूर्त माना जाता है)।
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विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurat): दोपहर 02:41 बजे से दोपहर 03:36 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): शाम 07:08 बजे से शाम 07:29 बजे तक।
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अमृत काल (Amrit Kaal): रात 08:10 बजे से रात 09:50 बजे तक।
आज का अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अशुभ समय (विशेष रूप से राहुकाल) के दौरान नया व्यापार शुरू करना, यात्रा करना या कोई भी बड़ा वित्तीय लेन-देन करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 03:52 बजे से शाम 05:33 बजे तक। (मंगलवार के दिन इस समय में कोई भी शुभ कार्य आरंभ न करें)।
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यमगण्ड (Yamaganda): सुबह 09:00 बजे से सुबह 10:42 बजे तक।
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गुलिक काल (Gulika Kaal): दोपहर 12:23 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक।
सावन के मंगलवार का विशेष महत्व और उपाय:
आज सावन का मंगलवार होने के कारण सुबह स्नान के बाद मां मंगला गौरी (माता पार्वती) को लाल चुनरी, सिंदूर और 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में आ रही खटास दूर होती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा, शाम के समय हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल दोष और सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है।

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