रेलवे को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: एसी कोच स्टाफ को अतिरिक्त ड्यूटी भत्ता देने का आदेश बरकरार; याचिका खारिज

रेलवे को हाईकोर्ट से बड़ा झटका: एसी कोच स्टाफ को अतिरिक्त ड्यूटी भत्ता देने का आदेश बरकरार; याचिका खारिज
बिलासपुर: भारतीय रेलवे को हाईकोर्ट से एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने वातानुकूलित (AC) कोच में तैनात कर्मचारियों को अतिरिक्त ड्यूटी भत्ता देने के आदेश को बरकरार रखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा दायर की गई अपील को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रयासरत एसी कोच स्टाफ को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक कार्य कराने पर उन्हें नियमानुसार अतिरिक्त भत्ता पाना उनका वैधानिक अधिकार है।

मामले की सुनवाई के दौरान एसी कोच कर्मचारियों की ओर से अदालत में यह पक्ष रखा गया था कि ट्रेन संचालन के दौरान उन्हें निर्धारित शिफ्ट से अधिक समय तक ड्यूटी देनी पड़ती है और यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए अतिरिक्त दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। इसके बावजूद रेलवे द्वारा उन्हें इस अतिरिक्त कार्य का उचित भत्ता नहीं दिया जा रहा था। पूर्व में आए फैसले के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद रेलवे की आपत्ति को निराधार मानते हुए पूर्व आदेश को यथावत रखने का फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रेलवे कर्मचारियों और कर्मचारी यूनियनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे एसी कोच स्टाफ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के हितों की जीत बताया है। वहीं दूसरी ओर, इस आदेश के लागू होने से रेलवे प्रशासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ना तय माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला न केवल संबंधित याचिकाकर्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भविष्य में भी समान परिस्थितियों में कार्यरत रेलकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर साबित होगा, जिसके तहत रेलवे को अब पात्र कर्मचारियों के बकाया भत्ते का भुगतान करना होगा।