CG Weather : छत्तीसगढ़ में मौसम का 'येलो अलर्ट', अगले 24 घंटों में इन जिलों में वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मौसम का 'येलो अलर्ट', अगले 24 घंटों में इन जिलों में वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय द्रोणिका (Trough) के प्रभाव के कारण राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की प्रबल संभावना है।

इन जिलों के लिए चेतावनी जारी

मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर के मुताबिक, प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

  • बस्तर संभाग: जगदलपुर, दंतेवाड़ा और कांकेर में भारी गर्जना के साथ बारिश के आसार हैं।

  • रायपुर और दुर्ग संभाग: राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

  • बिलासपुर संभाग: यहां भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

आंधी और आसमानी बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (Lightning) को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  1. अंधड़ की रफ्तार: बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

  2. तापमान में गिरावट: इस बदलाव के कारण पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तपती गर्मी से राहत मिलेगी और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

प्रशासन और विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने येलो अलर्ट को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सुरक्षित स्थानों पर रहें: गरज-चमक के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जल स्रोतों से दूर रहें।

  • किसानों को सूचना: कटी हुई फसलों और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की सलाह दी गई है।

  • यात्रा में सावधानी: तेज आंधी के दौरान वाहन चलाने से बचें और मौसम साफ होने का इंतजार करें।

क्यों बदल रहा है मौसम?

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में एक ऊपरी हवा का चक्रीय घेरा बना हुआ है, जिसके प्रभाव से नमी आ रही है। यह बदलाव ग्रीष्मकाल में होने वाली प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे वातावरण में अचानक अस्थिरता पैदा हो गई है।