शिक्षक डायरी में रखेंगे छात्रों का रिकॉर्ड, हर विद्यार्थी की ‘ग्रीन-येलो-रेड’ मैपिंग

शिक्षक डायरी में रखेंगे छात्रों का रिकॉर्ड, हर विद्यार्थी की ‘ग्रीन-येलो-रेड’ मैपिंग
रायपुर (चैनल इंडिया)। सरकारी स्कूलों में अब सिर्फ बच्चों की उपस्थिति ही नहीं, बल्कि उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में होने वाले सुधार से शिक्षकों के कामकाज का आकलन किया जाएगा। इसके लिए हर कक्षा के बच्चों की ‘ग्रीन-येलो-रेड’ मैपिंग की जाएगी। हर महीने यह देखा जाएगा कि कमजोर और औसत प्रदर्शन वाले कितने बच्चे बेहतर कैटेगरी में पहुंचे।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि इसके तहत शिक्षक अपनी टीचर्स डायरी में कक्षा के विद्यार्थियों का रिकॉर्ड दर्ज करेंगे। बच्चों को प्रदर्शन के आधार पर तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे ग्रीन जोन, औसत प्रदर्शन वाले येलो जोन और कमजोर प्रदर्शन वाले बच्चे रेड जोन में रखे जाएंगे। इसके बाद हर महीने बच्चों की प्रगति की समीक्षा होगी। इसमें खासतौर पर रेड जोन के बच्चों के प्रदर्शन में सुधार पर फोकस रहेगा। इसी प्रगति के आधार पर शिक्षकों की रेटिंग और प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इस व्यवस्था के संबंध में योजना बनाने की जिम्मेदारी समग्र शिक्षा को दी गई है। विभाग टीचर्स डायरी में रिपोर्ट कार्ड को शामिल करने की योजना तैयार कर रहा है। आगे एआई की मदद से स्कूलों का डेटा तैयार कर मॉनिटरिंग को आसान बनाने की तैयारी है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि शासकीय स्कूलों में 5000 पदों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें सहायक शिक्षक के 2292 पद और शिक्षक के 1654 पदों पर वैकेंसी निकल चुकी है। व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए कर्मचारी चयन मंडल को शिक्षा विभाग से प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी तरह स्वामी आत्मानंद एवं विवेकानंद विद्यालयों में 3000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। बस्तर संभाग के लिए 2700 और सरगुजा संभाग में 2368 शिक्षकों का प्रशिक्षण किया गया है। पहली से तीसरी तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी को शिक्षा के माध्यम के अनुरूप पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह उपस्थित थे।