26 अक्टूबर 2026 का पंचांग: सोमवार को चतुर्दशी तिथि और उत्तरभाद्रपद नक्षत्र का संयोग; जानिए आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली/रायपुर: सनातन पंचांग और वैदिक ज्योतिष के दृष्टिकोण से 26 अक्टूबर 2026, सोमवार का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और विशेष अनुष्ठानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी तिथि भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए अत्यंत उत्तम मानी जाती है। इसके अलावा सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है, जिनकी आराधना करने से जातकों के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
पंचांग की गणना के अनुसार 26 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम तक प्रभावी रहेगी, जिसके पश्चात पूर्णिमा तिथि का आरंभ होगा। आज सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 28 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 5 बजकर 40 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। इस दिन चंद्रमा मीन राशि में संचार करेंगे, जिससे जातकों की मानसिक स्थिति में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहेगी। नक्षत्रों के क्रम में आज उत्तरभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके साथ ही ध्रुव और विष्कुंभ योग का सुंदर संयोग बन रहा है। यह योग किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान और मानसिक एकाग्रता के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
दिन के सबसे उत्तम और सकारात्मक समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो 26 अक्टूबर को यह दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में किए गए सभी महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्य बिना किसी बाधा के सफल होते हैं। वहीं दूसरी ओर, ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है, जिसमें किसी भी नए या बड़े कार्य के शुभारंभ से बचना चाहिए। सोमवार के दिन राहुकाल प्रातः 7 बजकर 53 मिनट से सुबह 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, इसलिए इस समयावधि के दौरान कोई भी नया कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से परहेज करना चाहिए।
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