नई दिल्ली/रायपुर: 7 अक्टूबर 2026, बुधवार का दिन धार्मिक व आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष महत्व रखता है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष के इस पावन अवसर पर दैनिक पंचांग के अनुसार शुभ कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और संकल्प के लिए विशिष्ट समय की गणना की गई है। हिंदू धर्मशास्त्रों में किसी भी नए या मांगलिक कार्य का शुभारंभ करने से पूर्व शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, तिथि और राहुकाल का विचार करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश और बुद्धि के कारक ग्रह 'बुध' को समर्पित होता है, इसलिए आज के पंचांगीय योगों का विशेष महत्व है।
पंचांगीय गणना के अनुसार 7 अक्टूबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तिथि व्याप्य रहेगी। इस दिन सूर्योदय प्रातःकाल के समय होगा और दिनभर मघा व पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का शुभ प्रभाव देखने को मिलेगा, जो आध्यात्मिक साधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही दिनभर शुभ एवं साध्य योग विद्यमान रहेंगे, जो व्यापारिक समझौतों, अध्ययन और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दैनिक पंचांग में राहुकाल को अशुभ समय माना गया है, जिसमें किसी भी नए, मांगलिक या वित्तीय कार्य को प्रारंभ करने से बचना चाहिए। बुधवार के दिन राहुकाल दोपहर के समय लगभग 12:00 बजे से 01:30 बजे के मध्य रहेगा। इस समय अवधि के दौरान यात्रा आरंभ करने, नए सौदों पर हस्ताक्षर करने अथवा कोई भी नया अनुष्ठान शुरू करने से परहेज करना हितकर माना गया है। इसके अलावा यमगंड काल और वर्ज्यम समय में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
7 अक्टूबर को सूर्योदय प्रातः लगभग 06:18 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 06:00 बजे के आसपास दर्ज किया जाएगा। बुधवार के दिन उत्तर दिशा में 'दिशाशूल' रहता है, जिसका अर्थ है कि इस दिशा में अकारण यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि उत्तर दिशा की ओर यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार घर से निकलने से पूर्व थोड़ा सा तिल या धनिया खाकर अथवा भगवान गणेश को प्रणाम करके प्रस्थान करना चाहिए, जिससे यात्रा निष्कंटक और सफल होती है।
बुधवार के दिन को और अधिक मंगलकारी बनाने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात भगवान श्री गणेश जी की विधिवत आराधना करनी चाहिए। गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लाल पुष्प अर्पित करने से जीवन के सभी कष्ट और विघ्न समाप्त होते हैं। इसके साथ ही, बुध ग्रह की शांति और बुद्धि व व्यापार में वृद्धि के लिए 'ॐ गं गणपतये नमः' या 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। इस दिन हरे वस्त्र धारण करना तथा किसी जरूरतमंद या गौशाला में हरी घास का दान करना अत्यंत पुण्यदायी सिद्ध होता है।