30 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को कार्तिक कृष्ण षष्ठी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग; जानिए आज का शुभ समय और राहुकाल

30 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार को कार्तिक कृष्ण षष्ठी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग; जानिए आज का शुभ समय और राहुकाल

नई दिल्ली/रायपुर: सनातन पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है। आज पावन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन भक्तिभाव से मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जातकों के जीवन में आर्थिक तंगी दूर होती है तथा सुख-वैभव और यश में वृद्धि होती है।

पंचांगीय गणना के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 को कार्तिक कृष्ण षष्ठी तिथि दिनभर प्रभावी रहेगी। आज सूर्योदय प्रातः 6 करीब 30 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 5 बजकर 38 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। चंद्र देव आज मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे जातकों में बौद्धिक क्षमता, संवाद कौशल और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। नक्षत्रों के क्रम में आज आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके साथ साध्य योग का सुंदर संयोग बन रहा है। यह योग धार्मिक कार्यों, तंत्र-मंत्र साधना और आर्थिक योजनाओं के निष्पादन के लिए बेहद उत्तम माना गया है।

दिन के सबसे शुभ और सकारात्मक समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो 30 अक्टूबर को यह दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत, खरीद-बिक्री या मांगलिक अनुष्ठान करना अत्यंत फलदायी रहता है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना गया है, जिसमें किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ करने से बचना चाहिए। शुक्रवार को राहुकाल प्रातः 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक रहेगा, इसलिए इस समयावधि में विशेष सतर्कता बरतें।

शुक्रवार के इस पावन अवसर पर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रातः स्नान के बाद उन्हें कमल का फूल या लाल गुलाब, अक्षत और खीर का भोग अर्पित करें। साथ ही 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप या श्री सूक्त का पाठ करने से घर-परिवार में दरिद्रता का नाश होता है और स्थायी सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।